स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए सभी 120 एसएनसीयू में खुलेगी लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट
लखनऊ, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में एक्सक्लूसिव स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए सभी 120 सिक न्यू बार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) पर इस साल के अंत तक लैक्टेशन मैनेजमैंट यूनिट (एलएमयू) स्थापित हो जाएंगे। अभी 34 एसएनसीयू में एलएमयू सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं जिनके माध्यम से 11 हजार से ज्यादा नवजात शिशु लाभांवित हुए हैं। 36 अन्य एसएनसीयू में स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वे भी जल्द काम करने लगेंगे। यह बातें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के महाप्रबंधक डॉ मिलिंद वर्धन ने बुधवार को यूनिसेफ परिसर में आयोजित मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला में कही।
विश्व स्तनपान सप्ताह के मौके पर यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में डॉ मिलिंद ने कहा कि बीते तीन-चार वर्षों में एक्सक्लूसिव स्तनपान का 60 प्रतिशत से 35 प्रतिशत होना चिंता का विषय है और प्रदेश सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। हर बच्चे को मां का दूध मिले, इसके लिए सभी एसएनसीयू में एलएमयू शुरू करने का फैसला किया गया है और इसके शुरूआती फायदे भी दिख रहे हैं। अप्रैल से जुलाई के मध्य 11 हजार से ज्यादा नवजात शिशु इससे लाभांवित हुए हैं।
महाप्रबंधक ने एक महत्वपूर्ण बिंदु पर सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 86 प्रतिशत से ज्यादा संस्थागत प्रसव हो रहे हैं। जाहिर सी बात है कि चिकित्सा संस्थानों में मां को स्तनपान कराने के लिए बताया जाता है। फिर सिर्फ 43 प्रतिशत बच्चों में ही क्यों जन्म के बाद स्तनपान की शुरूआत हो रही है। इसी तरह एनएफएचएस-6 के आंकड़ों के अनुसार अगर 43 फीसदी बच्चों में जन्म के बाद स्तनपान की शुरूआत हो रही है तो एक्सक्लूसिव स्तनपान 35 प्रतिशत क्यों रह गया।
माँ का दूध बच्चे के मानसिक विकास के लिए अहम
केजीएमयू के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ एस.एन. सिंह ने कहा कि बच्चों को स्कूली शिक्षा से स्तनपान के बारे में जानकारी दी जाए व लोगों को स्तनपान के फायदे बताए जाएं तो उनकी सोच बदलेगी। उन्होंने बताया कि एक्सक्लूसिव स्तनपान करने वाला बच्चा डायरिया, निमोनिया, संक्रमण जैसी बीमारियों से बच जाता है। उसकी आंतें मजबूत होती हैं। उन्होंने बताया कि माँ का दूध बच्चे के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बहुत अहम है इसलिए शिशु को यहां तक कि आपरेशन के हुए बच्चों को भी मां के सम्पर्क में लाकर स्तनपान कराना चाहिए।
केजीएमयू की स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ अंजू अग्रवाल ने एक बहुत महत्वपूर्ण बिंदू रखा। उन्होंने कहा कि बच्चे को एक्सक्लूसिव स्तनपान कराने के लिए जरूरी है कि दो बच्चों में तीन साल का अंतर रहे। तभी मां पहले बच्चे को दो साल तक ध्यान लगाकर स्तनपान करा पाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

