रायबरेली में मिले पुरातात्विक साक्ष्य,एएसआई ने बताया कुषाण क़ालीन
रायबरेली,29 जुलाई(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में चल रहे पुरातत्विक सर्वेक्षण में बुधवार को कई ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं। लख़नऊ से आई भारतीय पुरातत्विक सर्वेक्षण(एएसआई) की टीम ने इसे महत्वपूर्ण बताते हुए टीले में उत्खनन करने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को जिले के हरचंदपुर के ओई गांव में सहायक पुरातत्त्व विद डॉ मनोज यादव के नेतृत्व में टीम ने खेत मे बनी सुरंग के अंदर जाकर गहराई से खोज की, जिसमें पहले चरण में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए।सर्वेक्षण में टीम को मिट्टी के प्राचीन बर्तन, सुराही, धूप दानी, प्राचीन ईंटे बड़ी मात्रा में मिली है। इन पुरातात्विक साक्ष्यों से पता चल रहा है कि इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण ऐतिहासिक साक्ष्य मौजूद हैं।टीम के लोगों ने और गहराई से सर्वेक्षण व उत्खनन करने की जरूरत बताई।
सर्वेक्षण टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ मनोज यादव ने कहा कि ओई भीट पहले भी पुरातत्व विभाग की लिस्ट में दर्ज है। वर्तमान सर्वेक्षण से यहां की ऐतिहासिकता कुषाण काल तक जाने का अनुमान है। सर्वेक्षण में मिले पुरातात्विक साक्ष्य कुषाण काल के प्रतीत हो रहे हैं, जो कि जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
डॉ यादव ने कहा कि वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही इन सभी की ऐतिहासिक आयु व पुरातात्विक महत्व का पता चलेगा।इसके अलावा टीम ने गांव के अभिषेक मौर्य के पास मौजूद कई अन्य साक्ष्यों को भी इकट्ठा किया।जिसकी जांच की जानी है।
उल्लेखनीय है कि जिले के हरचंदपुर के ओई गांव में मिट्टी धंसने से एक सुरंग बन गई थी, जिसकी मंगलवार से एएसआई की टीम सर्वेक्षण कर रही है।मौके पर राजस्व टीम और पुलिस बल मौजूद रही।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / रजनीश पांडे

