योगी सरकार कृषि, नवाचार व सुशासन पर तैयार कर रही विकास का नया रोडमैप
लखनऊ, 15 मई (हि.स.)। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लिए दूरदर्शी मॉडल तैयार किया है। “अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति” पर आधारित यह मॉडल प्रदेश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक विकास, नवाचार, आधारभूत संरचना और सुशासन को नई दिशा देगा। योगी सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश न केवल देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने, बल्कि समावेशी विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत करे, जिसमें गांव, किसान, युवा, महिलाओं और उद्योग, सबकी समान भागीदारी हो।
प्रदेश की जीएसडीपी वर्ष 2024-25 में हुई 30.25 लाख करोड़
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था वर्तमान में लगभग 356 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है, जो भारत की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) लगातार तेज गति से बढ़ रहा है। वर्ष 2020-21 में यह 16.83 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। प्रदेश की वार्षिक वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से अधिक दर्ज की गई है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार योगी सरकार ने “अर्थ शक्ति” को समावेशी विकास का मुख्य आधार बनाया है। इसके तहत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों, विनिर्माण, एमएसएमई तथा सेवा क्षेत्र को नई ऊर्जा दी जाएगी। कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीक का उपयोग और वैल्यू एडिशन पर जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पहले से ही खाद्यान्न, गन्ना और दूध उत्पादन में देश में अग्रणी है। अब योगी सरकार कृषि को आधुनिक तकनीक और एग्री-बिजनेस से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से बढ़ता यूपी
एमएसएमई क्षेत्र को प्रदेश की औद्योगिक रीढ़ माना गया है। “उद्योग की उड़ान” के तहत छोटे और मध्यम उद्योगों को वित्त, तकनीक और बाजार उपलब्ध कराने की रणनीति बनाई गई है। योगी सरकार ने ओडीओपी योजना, निवेश मित्र पोर्टल और औद्योगिक नीति के माध्यम से लाखों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का काम किया है। “डिजिटल प्रदेश” की अवधारणा के जरिए सेवाओं को तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। ई-गवर्नेंस, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और आईटी सेक्टर के विस्तार से प्रदेश डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही “आस्था को सम्मान” के तहत धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को आर्थिक विकास से जोड़ा गया है। अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज जैसे धार्मिक केंद्र अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उभर रहे हैं।
सृजन शक्ति भविष्य के विकास की नींव
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार काे बताया कि “सृजन शक्ति” को भविष्य के विकास की नींव माना गया है। इसके तहत शहरी और ग्रामीण विकास, जीवन गुणवत्ता और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। योगी सरकार एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्रदेश को निवेश एवं औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बना रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट यूपी को देश के सबसे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर वाले राज्यों में शामिल कर रहे हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, वाराणसी और कुशीनगर एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट वैश्विक कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

