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दलहनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में वैज्ञानिक शोध अहम : डॉ. संजीव गुप्ता

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दलहनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में वैज्ञानिक शोध अहम : डॉ. संजीव गुप्ता


कानपुर, 24 अगस्त (हि.स.)। देश में दलहनी फसलों का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक शोध और नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाना जरूरी है। शोध के माध्यम से दलहनी फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में सुधार किया जा सकता है। यह बातें सोमवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने कहीं।

सीएसए और भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में अखिल भारतीय रबी दलहनी फसलों की दो दिवसीय (29 एवं 30 अगस्त 2026) 31वीं वार्षिक समूह बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में देशभर से दलहनी फसलों पर काम कर रहे कृषि वैज्ञानिक शामिल होंगे और अपने शोध कार्य प्रस्तुत करेंगे।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा आईसीएआर के उपमहानिदेशक फसल विज्ञान डॉ. डीके यादव, उपमहानिदेशक तिलहन एवं दलहन डॉ. एसके झा और सहायक महानिदेशक बीज डॉ. एसके चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

बैठक में विभिन्न संस्थानों के कृषि वैज्ञानिक रबी दलहनी फसलों से संबंधित अपने शोध प्रस्तुत करेंगे। इसमें फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार और बेहतर कृषि तकनीकों को विकसित करने से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

कुलपति के अनुसार वैज्ञानिकों के शोध और आपसी विचार-विमर्श से दलहनी फसलों की खेती को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों और अनुसंधान के क्षेत्रों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। बैठक में देश में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी मंथन किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप