राष्ट्रीय खेल महासंघ सम्मेलन भारत की वैश्विक खेल तैयारियों की दिशा में समन्वित कदम : मांडविया
नई दिल्ली, 07 मई (हि.स.)। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने राष्ट्रीय खेल महासंघ सम्मेलन 2026 को भारत की आगामी वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन एशियाई खेल 2026, राष्ट्रमंडल खेल 2026 और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक समन्वित कदम है।
डॉ. मांडविया ने गुरुवार को कहा, “राष्ट्रीय खेल महासंघ सम्मेलन भारत की आगामी वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी की दिशा में एक समन्वित कदम है। भारत को खेल महाशक्ति बनाने के लिए दीर्घकालिक योजना, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, मजबूत खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों को निरंतर सहयोग देना आवश्यक है।”
उन्होंने खिलाड़ियों, महासंघों और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर देते हुए कहा,“भारत का खेल भविष्य खिलाड़ियों, महासंघों और सरकारों के बीच मजबूत समन्वय पर निर्भर करता है।” खेल मंत्री ने महासंघों में पारदर्शिता और खिलाड़ी-केंद्रित प्रशासन को प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने कहा, “हर महासंघ का मुख्य फोकस खिलाड़ी कल्याण और खिलाड़ी-केंद्रित प्रशासन होना चाहिए। पारदर्शिता, समय पर चुनाव, जवाबदेही और मजबूत संस्थागत व्यवस्था से ही भारतीय खेल व्यवस्था मजबूत होगी।” डॉ. मांडविया ने भारतीय खेल व्यवस्था से डोपिंग खत्म करने को लेकर सख्त संदेश देते हुए कहा,“भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र से डोपिंग को खत्म करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।”
उन्होंने महासंघों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ से स्वच्छ एवं पारदर्शी खेल संस्कृति विकसित करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ‘खेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ और आगामी ‘खेलो भारत मिशन’ के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने वैज्ञानिक प्रशिक्षण, निजी क्षेत्र की भागीदारी, खेल लीग, अकादमियों और प्रशासनिक सुधारों को भारत की भविष्य की खेल सफलता का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘खेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ और आगामी ‘खेलो भारत मिशन’ जैसी योजनाओं के माध्यम से देश के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रही है। इसके साथ ही वैज्ञानिक प्रशिक्षण, निजी क्षेत्र की भागीदारी, खेल लीग, अकादमियों और प्रशासनिक सुधारों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के नियम और सुधार दिशा-निर्देश पुस्तिका का भी औपचारिक विमोचन किया गया।
केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि भारत की आगामी एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की यात्रा प्रदर्शन, विज्ञान आधारित तैयारी और मजबूत महासंघों के दम पर आगे बढ़ेगी।
खेल सचिव हरि रंजन राव ने कहा कि बड़े सपने देखने वाला देश उससे भी बड़ी तैयारी करता है और आज की चर्चाएं भारत के 2036 के खेल भविष्य को आकार देंगी।
सम्मेलन में खेल उपकरण निर्माण को बढ़ावा देने, वैज्ञानिक फिटनेस प्रोटोकॉल, एंटी-डोपिंग कानूनों को मजबूत करने, राष्ट्रीय खेल महासंघों में तकनीकी सुधार, वैश्विक खेल संगठनों में भारत की भागीदारी बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

