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घरेलू हॉकी में पंजाब और ओडिशा ने कांस्य पदक जीतकर अपनी मजबूत विरासत को आगे बढ़ाया

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घरेलू हॉकी में पंजाब और ओडिशा ने कांस्य पदक जीतकर अपनी मजबूत विरासत को आगे बढ़ाया


नई दिल्ली, 19 अप्रैल (हि.स.)। हॉकी पंजाब और हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने हाल ही में संपन्न हुई 16वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर घरेलू हॉकी में अपनी मजबूत विरासत को आगे बढ़ाया। पुरुष वर्ग में हॉकी पंजाब ने पोडियम फिनिश हासिल किया, जबकि महिला वर्ग में हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

इन प्रदर्शनों ने एक बार फिर साबित किया कि दोनों टीमें घरेलू हॉकी में लंबे समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और नियमित रूप से पदक जीतने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को भी तैयार कर रही हैं।

हॉकी पंजाब घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों में से एक रही है। जिसने विभिन्न श्रेणियों में कुल 33 पदक (14 स्वर्ण, 6 रजत और 13 कांस्य) हासिल किए हैं। इसमें पुरुष टीम का योगदान सबसे अधिक है, जिसने कुल 26 पदक जीते हैं। इनमें सीनियर और जूनियर पुरुष श्रेणियों में 5-5 स्वर्ण पदक शामिल हैं।

सीनियर पुरुष टीम इस सफलता की आधारशिला रही है। हाल ही में टीम ने 15वीं हॉकी इंडिया सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2025 का खिताब जीता, जिसमें जुगराज सिंह टीम के लिए सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी रहे। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में भी पंजाब की मजबूत मौजूदगी है, जहां कप्तान हरमनप्रीत सिंह टीम का नेतृत्व कर रहे हैं और हार्दिक सिंह मिडफील्ड में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सुखजीत सिंह और अभिषेक आक्रमण में मजबूती देते हैं, जबकि गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक और डिफेंडर जुगराज सिंह व जर्मनप्रीत सिंह टीम के प्रमुख खिलाड़ी हैं।

नई पीढ़ी के खिलाड़ी भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मनमीत सिंह, अर्शदीप सिंह और प्रिंसदीप सिंह ने हॉकी पंजाब के लिए घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर भारतीय जूनियर टीम में जगह बनाई और एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर वर्ल्ड कप तमिलनाडु 2025 में भारत के अभियान का भी हिस्सा रहे।

वहीं, हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में संतुलित प्रदर्शन करते हुए कुल 26 पदक (11 स्वर्ण, 7 रजत, 8 कांस्य) जीते हैं। पुरुष टीम ने 19 पदक (10 स्वर्ण, 6 रजत, 3 कांस्य) हासिल किए, जिसमें जूनियर और सब-जूनियर स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन शामिल है।

महिला वर्ग में ओडिशा ने 7 पदक (1 स्वर्ण, 1 रजत, 5 कांस्य) जीते हैं। इसमें जूनियर महिला टीम ने एक कांस्य पदक जीता, जबकि सब-जूनियर महिला टीम ने एक रजत और चार कांस्य पदक हासिल किए, जो भविष्य के लिए मजबूत प्रतिभा को दर्शाता है।

ओडिशा की सफलता की जड़ें उसके मजबूत जमीनी ढांचे, अकादमियों, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और कोचिंग सिस्टम में हैं। भुवनेश्वर और राउरकेला जैसे शहरों में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी ने भी राज्य में हॉकी को और मजबूत किया है।

इस व्यवस्था से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी उभरे हैं। पुरुष वर्ग में अमित रोहिदास भारतीय टीम के अहम खिलाड़ी हैं, जबकि अमनदीप लकड़ा ड्रैगफ्लिकर के रूप में उभर रहे हैं। शिलानंद लकड़ा, सुदीप चिरमाको और नीलम संजीप जेस जैसे खिलाड़ी भी इस प्रतिभा की गहराई को दर्शाते हैं।

महिला वर्ग में सुनेलिता टोप्पो एक उभरती हुई स्टार हैं, जबकि अजमिना कुजूर और सुजाता कुजूर भी अपनी पहचान बना रही हैं।

हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली ने कहा, “पंजाब में हॉकी हमेशा गर्व का विषय रही है और घरेलू टूर्नामेंटों में हमारी टीमों का लगातार पोडियम पर पहुंचना बेहद खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा भारतीय हॉकी में अहम योगदान दिया है, और आज भी इस राज्य के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। हम इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं, और हमें उम्मीद है कि हम भारत के लिए इसी तरह खिलाड़ी तैयार करते रहेंगे।

वहीं, हॉकी इंडिया और हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा, “सब-जूनियर महिला टीम को राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने पर बधाई। उन्होंने कहा कि हॉकी ओडिशा की संस्कृति में गहराई से रची-बसी है और विभिन्न श्रेणियों में हमारी टीमों का लगातार बेहतरीन प्रदर्शन हमारे जमीनी स्तर के इकोसिस्टम की मजबूती को दर्शाता है। हमारी अकादमियों और कोचों ने युवा प्रतिभाओं को निखारने में अहम भूमिका निभाई है। यह देखकर बहुत उत्साह मिलता है कि खिलाड़ी उच्चतम स्तर तक पहुंचकर भारत के लिए खेल रहे हैं। हम राज्य में भारतीय हॉकी के लिए एक मजबूत भविष्य बनाने में निवेश करना जारी रखेंगे।''

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हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह