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महिला विश्व कप जीत के एक साल पूरे, प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा ने साझा किए यादगार पल

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महिला विश्व कप जीत के एक साल पूरे, प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा ने साझा किए यादगार पल


नई दिल्ली, 03 नवंबर (हि.स.)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम के विश्व चैंपियन बनने का दशकों लंबा इंतजार आखिरकार 2 नवंबर 2025 को खत्म हुआ था। इस दिन भारतीय महिला टीम ने पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। इस ऐतिहासिक जीत के एक साल पूरे होने पर जियोस्टार के विशेष कार्यक्रम 'सेलिब्रेटिंग द चैंपियंस' में भारतीय टीम की खिलाड़ी प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा ने विश्व कप से जुड़े यादगार पलों को साझा किया।

प्रतिका रावल ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हाल में उसी तारीख पर शतक लगाने की खास कहानी सुनाई, जिस तारीख को उन्होंने 2025 विश्व कप में भी शतक जड़ा था। साथ ही प्रतिका ने बांग्लादेश के खिलाफ लगी चोट और विश्व कप से बाहर होने के मुश्किल दौर को भी याद किया। वहीं, शेफाली वर्मा ने टूर्नामेंट के बीच अचानक टीम में शामिल किए जाने का अनुभव साझा किया।

भारतीय बल्लेबाज प्रतिका रावल ने बीते 23 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में शतक लगाने के पीछे की दिलचस्प कहानी बताई। उन्होंने कहा कि जब वह बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरने वाली थीं, तब टीवी पर 2025 महिला विश्व कप में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुकाबले की झलकियां दिखाई जा रही थीं। प्रतिका के मुताबिक, टीवी पर एक तारीख का जिक्र देखकर उन्हें याद आया कि इसी दिन उन्होंने विश्व कप में भी शतक लगाया था।

प्रतिका ने बताया कि `मैं स्मृति दीदी और अमोल सर (कोच) के साथ इस बारे में बात कर रही थी। हमने उसी पल इस उपलब्धि को दोहराने का फैसला किया। इसके बाद मैंने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में शतक लगाया। उसी तारीख पर दोबारा शतक बनाना मेरे लिए बेहद खास अनुभव था।'

प्रतिका रावल ने बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले के दौरान लगी चोट और इसके कारण विश्व कप से बाहर होने के मुश्किल समय को भी याद किया। उन्होंने कहा कि `जब मैं बांग्लादेश के खिलाफ मैच के दौरान गिरी, तभी मुझे एहसास हो गया था कि कुछ गड़बड़ है। मैं अपने शरीर को अच्छी तरह समझती हूं और चोट का असर सामान्य नहीं लग रहा था। एक्स-रे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई, जिसके बाद उनका विश्व कप अभियान समाप्त हो गया।'

उन्होंने कहा कि `विश्व कप के बीच चोटिल होना बेहद दुखद था। हालांकि, सेमीफाइनल और फाइनल में भारतीय टीम को खेलते देखना उनके लिए शानदार अनुभव रहा। उन्होंने होटल के कमरे में अपने पिता के साथ बैठकर सेमीफाइनल मुकाबला देखा और टीम की जीत के लिए दुआ की। यह उनके लिए भावनाओं से भरा समय था लेकिन आसपास मौजूद लोगों के सहयोग ने उन्हें हिम्मत दी।'

वहीं, शेफाली वर्मा ने बताया कि उन्हें महिला विश्व कप 2025 के बीच में भारतीय टीम में शामिल होने की खबर मिली थी। उस समय वह हरियाणा की ओर से राज्य स्तरीय मुकाबला खेल रही थीं। शेफाली ने बताया कि `मैं हरियाणा के लिए मैच खेल रही थी, तभी अचानक राष्ट्रीय टीम के मैनेजर का फोन आया। उन्होंने बताया कि विश्व कप के बाकी मुकाबलों के लिए मेरा चयन हो गया है। मुझे इस बात पर यकीन ही नहीं हुआ।'

उन्होंने बताया कि उस दौरान वह सोशल मीडिया से दूर थीं और विश्व कप के मुकाबलों पर भी ज्यादा ध्यान नहीं दे रही थीं। वह पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर रही थीं।

शेफाली के अनुसार, पिछले एक साल में की गई मेहनत का फल मिलने जैसा यह अनुभव था। टीम के खिलाड़ियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद नेट सेशन में अभ्यास करके उन्होंने खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढाला और अपनी लय हासिल की। उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा था।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 2 नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार आईसीसी महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता था। --------------

हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह