डूरंड कप का आगाज 25 जुलाई से, उद्घाटन मैच में मोहन बागान-ईस्ट बंगाल की टक्कर
कोलकाता, 22 जुलाई (हि.स.)। भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप का आगाज 25 जुलाई से होगा। प्रतियोगिता का फाइनल 23 अगस्त को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेला जाएगा। बुधवार को कोलकाता में आयोजित कर्टेन रेजर प्रेस कॉन्फ्रेंस में टूर्नामेंट की तैयारियों और आयोजन की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रेसवार्ता में डूरंड कप आयोजन समिति के अध्यक्ष तथा पूर्वी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह, आयोजन समिति के उपाध्यक्ष मेजर जनरल दिनेश कुमार सिंह, पश्चिम बंगाल सरकार में खेल मंत्री इंद्रनील खां, राज्य सरकार में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश पांडेय, खेल सचिव अभिनेंद्र सिंह सहित सेना और आयोजन समिति के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि इस बार डूरंड कप में 24 टीमें भाग ले रही हैं, जिन्हें छह समूहों में विभाजित किया गया है। ग्रुप चरण के बाद सभी छह समूहों की विजेता टीमों के साथ सर्वश्रेष्ठ दो उपविजेता क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। क्वार्टर फाइनल 17 और 18 अगस्त को खेले जाएंगे। इसके बाद सेमीफाइनल और 23 अगस्त को फाइनल मुकाबला होगा।
टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 25 जुलाई को मोहन बागान सुपर जायंट और ईस्ट बंगाल के बीच खेला जाएगा। कोलकाता डर्बी के साथ प्रतियोगिता की शुरुआत होने से फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है। पश्चिम बंगाल में कुल 16 मैच खेले जाएंगे, जिनमें उद्घाटन मुकाबला और फाइनल भी शामिल हैं।
इस वर्ष प्रतियोगिता के मुकाबले कोलकाता, रांची, गुवाहाटी, इम्फाल और शिलांग सहित पांच शहरों के छह स्टेडियमों में आयोजित किए जाएंगे। पहली बार रांची को भी मेजबानी का अवसर मिला है। आयोजकों ने इसके लिए झारखंड सरकार और सभी सहयोगी एजेंसियों का आभार व्यक्त किया।
इस दाैरान लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह ने कहा कि फीफा विश्व कप के बाद देश में फुटबॉल का उत्साह कम नहीं होना चाहिए और डूरंड कप इस खेल के प्रति लोगों के जुनून को लगातार बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), विभिन्न राज्य सरकारों और सभी सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष विजेता और अन्य पुरस्कारों के लिए कुल लगभग तीन करोड़ की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश पांडेय ने कहा कि डूरंड कप केवल एक फुटबॉल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत की खेल विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार इसके आयोजन में हर संभव सहयोग दे रही है।
राज्य के खेल मंत्री इंद्रनील खां ने कहा कि रसगुल्ले के बाद यदि किसी चीज से बंगाल की पहचान है तो वह फुटबॉल है। कहा कि कोलकाता को उद्घाटन मैच और फाइनल की मेजबानी मिलना राज्य के लिए गर्व की बात है। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल में खेले जाने वाले 16 मुकाबले राज्य के फुटबॉल प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होंगे।
आयोजकों ने बताया कि 135वें डूरंड कप का औपचारिक शुभारंभ 7 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया था। अब 25 जुलाई से मुकाबलों की शुरुआत के साथ देश के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट का रोमांच अपने चरम पर पहुंच जाएगा। प्रतियोगिता के सभी मैचों का सीधा प्रसारण सोनीलिव पर किया जाएगा। -------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

