एशियन खेल : महिला 50 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में दीपांशी कांस्य पदक से चूकीं
आइची-नागोया, 02 अक्टूबर (हि.स.)। भारत की दीपांशी को एशियाई खेलों की महिला 50 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती के कांस्य पदक मुकाबले में कजाकिस्तान की जेनेप बायानोवा के खिलाफ 4-11 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ दीपांशी का एशियाई खेलों का अभियान कांस्य पदक के बिना समाप्त हो गया।
मुकाबले की शुरुआत दोनों पहलवानों ने संभलकर की। इसके बाद दीपांशी ने बायानोवा को मैट पर गिराकर 2 अंक हासिल किए। कजाकिस्तान की पहलवान ने तुरंत पलटवार करते हुए भारतीय पहलवान को पेट के बल गिराया और 2 अंक हासिल कर लिए। इसके बाद दीपांशी को अधिक समय तक मैट पर नीचे रहने के कारण पीला कार्ड दिखाया गया। इसका फायदा उठाते हुए बायानोवा ने दीपांशी को पलटकर 2 और अंक हासिल किए और अपनी बढ़त बढ़ा ली। इसी दौरान दीपांशी को चिकित्सकीय सहायता भी लेनी पड़ी, जिसके बाद मुकाबला दोबारा शुरू हुआ।
बायानोवा ने दीपांशी को मैट से बाहर धकेलकर 1 और अंक हासिल किया। दीपांशी ने इसके बाद 2 अंकों की चाल चलकर अंतर को 4-7 तक कम किया और वापसी की कोशिश की। हालांकि बायानोवा ने 4 अंकों की निर्णायक चाल के साथ स्कोर 11-4 कर दिया और कांस्य पदक अपने नाम कर लिया।
इससे पहले भारत के सुजीत कलकल ने पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडिएव को हराकर स्वर्ण पदक जीता। सुजीत एक समय मुकाबले में 2-9 से पीछे थे, लेकिन अंतिम 1 मिनट 40 सेकंड में लगातार टेकडाउन के जरिए शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की। उन्होंने मुकाबला समाप्त होने से 11 सेकंड पहले स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया।
सुजीत का स्वर्ण 2018 जकार्ता-पालेमबांग एशियाई खेलों के बाद कुश्ती में भारत का पहला पुरुष स्वर्ण पदक है। 2018 में बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने भारत के लिए कुश्ती में स्वर्ण पदक जीते थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

