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एशियाई खेल 2026: अनाहत और अभय सिंह ने स्क्वैश सेमीफाइनल में बनाई जगह

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एशियाई खेल 2026: अनाहत और अभय सिंह ने स्क्वैश सेमीफाइनल में बनाई जगह


आइची-नगोया, 25 सितंबर (हि.स.)। भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों अनाहत सिंह और अभय सिंह ने शुक्रवार को एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला और पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बना ली। दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले सीधे गेमों में जीतकर अंतिम चार में प्रवेश किया।

18 वर्षीय अनाहत सिंह ने महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में अपनी हमवतन 30 वर्षीय तान्वी खन्ना को 3-0 (11-2, 11-5, 11-3) से हराया। अनाहत ने महज 15 मिनट में मुकाबला अपने नाम कर लिया।

अनाहत ने पहले गेम से ही मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया। उन्होंने शानदार ड्रॉप शॉट्स की मदद से पहला गेम 11-2 से अपने नाम किया। उनकी तेज और आक्रामक शैली के सामने तान्वी को काफी परेशानी हुई।

दूसरे गेम में भी अनाहत ने दबाव बनाए रखा। तान्वी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन अनाहत ने 11-5 से गेम जीतकर बढ़त 2-0 कर ली। तीसरे गेम में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और 11-3 से जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली।

सेमीफाइनल में अनाहत का सामना जापान की सातोमी वातानाबे से होगा। विश्व की छठी रैंकिंग की खिलाड़ी वातानाबे ने 2022 हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। दोनों खिलाड़ियों के बीच इससे पहले एक मुकाबला हुआ था, जिसमें अनाहत ने 2-0 की बढ़त बनाने के बावजूद मुकाबला 2-3 से गंवा दिया था।

### अभय सिंह भी अंतिम चार में

पुरुष एकल में अभय सिंह ने जापान के रयूनोसुके त्सुकुए को 3-0 (11-4, 11-3, 11-6) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। करीब 30 मिनट चले मुकाबले में अभय ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और जापानी खिलाड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

अभय का सामना सेमीफाइनल में हमवतन वीर चोत्रानी से हो सकता है, अगर वीर अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को हरा देते हैं। ऐसी स्थिति में पुरुष एकल में ऑल-इंडिया सेमीफाइनल होगा और भारत का कम से कम रजत पदक सुनिश्चित हो जाएगा।

भारत ने स्क्वैश में पहले ही एक पदक पक्का कर लिया है। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की जोड़ी मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। भारतीय जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमस्या अरिबाडो को हराया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे