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इंडोनेशिया की निशानेबाजी टीम ने भारत में तीन माह का उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण शिविर पूरा किया

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इंडोनेशिया की निशानेबाजी टीम ने भारत में तीन माह का उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण शिविर पूरा किया


नई दिल्ली, 08 जून (हि.स.)। भारत की उभरती वैश्विक खेल प्रशिक्षण क्षमता को और मजबूती देते हुए गगन नारंग स्पोर्ट्स प्रमोशन फाउंडेशन ने हाल ही में इंडोनेशिया की 16 सदस्यीय निशानेबाजी टीम और दो प्रशिक्षकों की मेजबानी की। यह तीन महीने का उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण शिविर पुणे और हैदराबाद स्थित प्रशिक्षण केंद्रों में आयोजित किया गया।

15 फरवरी से 15 मई तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में इंडोनेशिया के कई प्रमुख निशानेबाजों ने हिस्सा लिया। इनमें लंदन 2012 ओलंपिक में भाग लेने वाली डियाज कुसुमावर्दानी और टोक्यो 2020 ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली विद्या रफिका रहमत्तान तोय्यिबा भी शामिल रहीं। दल में ऐसे खिलाड़ी भी मौजूद थे जो एशियाई खेल आइची–नागोया 2026 के लिए चयन की दौड़ में शामिल हैं।

शिविर के दौरान इंडोनेशियाई खिलाड़ियों ने भारत के शीर्ष निशानेबाजों के साथ अभ्यास किया और प्रतिस्पर्धात्मक प्रशिक्षण वातावरण का अनुभव प्राप्त किया। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाओं, खेल विज्ञान सहायता, उन्नत प्रदर्शन विश्लेषण तकनीक और अनुभवी प्रशिक्षण दल का लाभ मिला।

दल ने खेलो इंडिया निशानेबाजी प्रतियोगिता – 24वीं कुमार सुरेंद्र सिंह स्मृति निशानेबाजी प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया। भारत की प्रतिष्ठित घरेलू प्रतियोगिताओं में शामिल इस आयोजन ने खिलाड़ियों को मजबूत प्रतिस्पर्धा के बीच मुकाबले का अनुभव दिया।

गगन नारंग स्पोर्ट्स प्रमोशन फाउंडेशन के संस्थापक गगन नारंग ने कहा कि उच्च प्रदर्शन खेलों में सहयोग, अनुभव साझा करना और अलग-अलग प्रशिक्षण वातावरण बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि उनके केंद्रों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों का प्रशिक्षण लेना इस खेल तंत्र की गुणवत्ता को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान कार्यक्रम केवल विदेशी खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय खिलाड़ियों के लिए भी लाभकारी होते हैं और उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के सकारात्मक परिणामों के बाद इंडोनेशिया निशानेबाजी संघ और गगन नारंग स्पोर्ट्स प्रमोशन फाउंडेशन भविष्य में भी संयुक्त प्रशिक्षण शिविर और सहयोगी कार्यक्रमों की संभावनाओं पर काम करने की तैयारी कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे