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साई और त्सुकुबा विश्वविद्यालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, खेल विज्ञान और उच्च प्रदर्शन खेलों को मिलेगा बढ़ावा

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साई और त्सुकुबा विश्वविद्यालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, खेल विज्ञान और उच्च प्रदर्शन खेलों को मिलेगा बढ़ावा


नई दिल्ली, 05 जून (हि.स.)। भारत के खेल प्रदर्शन तंत्र को मजबूत बनाने और आगामी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की तैयारियों को गति देने की दिशा में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और जापान के प्रतिष्ठित त्सुकुबा विश्वविद्यालय के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह साझेदारी खेल शिक्षा, खेल विज्ञान और खिलाड़ियों के विकास के क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग को नई दिशा देगी। यह समझौता तीन वर्षों के लिए किया गया है और वर्ष 2016 में भारत-जापान सरकारों के बीच बने खेल सहयोग ढांचे तथा वर्ष 2018 में साई और त्सुकुबा विश्वविद्यालय के बीच हुए संस्थागत समझौते को आगे बढ़ाता है।

समझौते पर त्सुकुबा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रोफेसर क्योसुके नागाटा और भारतीय खेल प्राधिकरण की उप महानिदेशक मंजुश्री दयानंद ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष ओसामु ओनेदा ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य दोनों देशों में खेल प्रतिभाओं का विकास, खेलों की सतत प्रगति, कोच विकास और उच्च स्तरीय खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए नए ढांचे तैयार करना है।

उन्होंने कहा,“खेल शिक्षा और खेल विज्ञान किसी भी खेल तंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यह सहयोग भारत और जापान के बीच खेल गतिविधियों को और बेहतर दिशा देगा।”

यह नया समझौता ऐसे समय हुआ है जब भारत वर्ष 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी और वर्ष 2036 ओलंपिक की दावेदारी को ध्यान में रखते हुए अपने खेल ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रहा है।

साई की उप महानिदेशक मंजुश्री दयानंद ने कहा,“इस प्रकार का अंतरराष्ट्रीय सहयोग केवल खिलाड़ियों की तैयारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कोच, खेल वैज्ञानिक, प्रशासक और सहयोगी स्टाफ की क्षमता भी बढ़ेगी। भारत बड़े आयोजनों की तैयारी कर रहा है और ऐसे समय में यह समझौता खेल विज्ञान और खेल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम है।”

समझौते के तहत दोनों संस्थान खेल शिक्षा, ओलंपिक एवं पैरालंपिक शिक्षा, पाठ्यक्रम विकास, कोच शिक्षा, खेल प्रबंधन, खेल अवसंरचना विकास, खेल चिकित्सा, फिजियोथेरेपी, शक्ति एवं कंडीशनिंग, चोट रोकथाम, खेल विज्ञान अनुसंधान और खिलाड़ियों के प्रदर्शन सुधार जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।

इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों, कोचों, खेल वैज्ञानिकों और साई अधिकारियों को जापान में विशेष प्रशिक्षण, आदान-प्रदान कार्यक्रम और अध्ययन के अवसर मिलेंगे।

यह सहयोग विशेष रूप से एथलेटिक्स, तीरंदाजी, टेबल टेनिस, तैराकी और जूडो जैसे खेलों पर केंद्रित रहेगा, जिनमें भारत आने वाले वर्षों में अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत करना चाहता है।

इस साझेदारी के तहत खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा, प्रदर्शन विश्लेषण और शोध परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही त्सुकुबा इंटरनेशनल अकादमी फॉर स्पोर्ट स्टडीज के माध्यम से इंटर्नशिप और शैक्षणिक अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

भारतीय खेल प्राधिकरण और त्सुकुबा विश्वविद्यालय के बीच यह समझौता खेल विज्ञान, आधुनिक प्रशिक्षण पद्धति और खिलाड़ी प्रबंधन से जुड़े वैश्विक अनुभव भारत तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और दीर्घकाल में भारतीय खेलों को नई मजबूती प्रदान करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे