लेह में कल से शुरू होगा केआईडब्ल्यूजी, खेल मंत्री ने खिलाड़ियों से किया बेहतरीन प्रदर्शन का आह्वान
लेह (लद्दाख), 19 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने खिलाड़ियों से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन कर आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि केआईडब्ल्यूजी 2026 शीतकालीन खेलों में प्रतिभा निखारने का एक बड़ा मंच है।
केआईडब्ल्यूजी 2026 की शुरुआत मंगलवार से लेह में होगी, जिसमें 1000 से अधिक पुरुष और महिला खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। खेलों का समापन 26 जनवरी को होगा। खेलों के दौरान नवांग डोरजान स्टोबदान स्टेडियम, आर्मी रिंक और जमी हुई गुपुख्स पॉन्ड मुख्य आकर्षण के केंद्र रहेंगे। उद्घाटन समारोह मंगलवार दोपहर आयोजित किया जाएगा। लेह चरण में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे।
इस संस्करण में 472 खिलाड़ी दो आइस स्पोर्ट्स—आइस स्केटिंग और आइस हॉकी—में भाग लेंगे। इस बार खास आकर्षण के रूप में फिगर स्केटिंग को शामिल किया गया है, जो एक ओलंपिक स्पर्धा है। पिछले साल केआईडब्ल्यूजी के लद्दाख चरण में मेजबान लद्दाख ने 13 में से 4 स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया था, जबकि तमिलनाडु और महाराष्ट्र क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे थे।
केआईडब्ल्यूजी 2026 का पहला चरण केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के युवा सेवा एवं खेल विभाग द्वारा, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की निगरानी में आयोजित किया जा रहा है। आइस स्पोर्ट्स से जुड़ी राष्ट्रीय खेल महासंघ तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए माइनस डिग्री तापमान और कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाली परिस्थितियों में प्रदर्शन की कड़ी परीक्षा भी होगा।
डॉ. मांडविया ने कहा, “इस वर्ष भारतीय खेलों की शुरुआत मजबूत रही है। जनवरी में ही दो खेलो इंडिया आयोजन हुए—हाल ही में दीव में संपन्न खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 और अब खेलो इंडिया विंटर गेम्स। यह शीतकालीन खेलों में प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता के नए अवसर खोलता है।”
आइस हॉकी जहां केआईडब्ल्यूजी लद्दाख का प्रमुख आकर्षण बनी रहेगी, वहीं फिगर स्केटिंग को एक अहम और स्वागतयोग्य जोड़ माना जा रहा है। फरवरी 2025 में चीन के हार्बिन में हुए एशियन विंटर गेम्स में भारत ने 59 खिलाड़ियों का अब तक का सबसे बड़ा दल भेजा था। फिगर स्केटिंग में तारा प्रसाद का आठवां स्थान भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
वरिष्ठ राष्ट्रीय कोच मोहम्मद अब्बास नोरदक ने कहा, “अधिक प्रतिस्पर्धा से अधिक अवसर मिलते हैं और इसी वजह से केआईडब्ल्यूजी 2026 भारतीय शीतकालीन खेलों के लिए एक मील का पत्थर है।”
इस संस्करण में हरियाणा (62), हिमाचल प्रदेश (55) और मेजबान लद्दाख (52) की भागीदारी सबसे अधिक है। कुल 17 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे, जिनमें से 15 आइस स्केटिंग में होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

