home page

एशियाई पैरा खेल : कपिल ने 69 सेकंड में रफली अहनाफ को हराकर जीता कांस्य

 | 
एशियाई पैरा खेल : कपिल ने 69 सेकंड में रफली अहनाफ को हराकर जीता कांस्य


- भारत को पहले दिन मिला तीसरा पदक

नागोया, 19 अक्टूबर (हि.स.)। भारत के पैरा जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने सोमवार को एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। मध्य प्रदेश के सीहोर के रहने वाले कपिल ने पुरुषों के जे1-70 किग्रा वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में इंडोनेशिया के रफली अहनाफ शिदकी को महज एक मिनट नौ सेकंड में इप्पोन के जरिए हराकर पदक अपने नाम किया। यह मुकाबला आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में खेला गया। प्रतियोगिता के पहले दिन भारत का यह तीसरा पदक रहा।

पेरिस पैरालंपिक के कांस्य पदक विजेता कपिल ने सेमीफाइनल में मिली हार के बाद शानदार वापसी करते हुए पदक जीता। विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज कपिल ने 17वीं रैंकिंग वाले इंडोनेशियाई खिलाड़ी शिदकी को शिकस्त देकर पोडियम पर जगह बनाई।

कांस्य पदक मुकाबले तक पहुंचने के लिए कपिल को क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया के बातारसुरेन बात-एर्डेन के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। दोनों के बीच मुकाबला निर्धारित समय में निर्णायक नहीं रहा, जिसके बाद गोल्डन स्कोर में कपिल ने चार मिनट 53 सेकंड के संघर्ष के बाद इप्पोन से जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

हालांकि, स्वर्ण पदक मुकाबले में पहुंचने की उनकी उम्मीदों को सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी ने झटका दिया। जुनेदी ने कपिल को इप्पोन से हराया। इस हार के बावजूद भारतीय खिलाड़ी ने हिम्मत नहीं हारी और कांस्य पदक के मुकाबले में महज 69 सेकंड में जीत दर्ज कर ली।

2017 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं कपिल

दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के जे1 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले कपिल वर्ष 2017 से पैरा जूडो में सक्रिय हैं। कोच मुनव्वर अंजार अली सिद्दीकी के मार्गदर्शन में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनके खाते में पेरिस पैरालंपिक 2024 का कांस्य, हांगझोऊ में आयोजित पिछले एशियाई पैरा खेलों का रजत पदक और 2019 राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक शामिल है। इसके अलावा वह आईबीएसए ग्रां प्री प्रतियोगिताओं में भी कई खिताब जीत चुके हैं और सात बार राष्ट्रीय चैंपियन रहे हैं।

खेलों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए कपिल को 2024-25 का अर्जुन पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। वह टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) के तहत भी शामिल हैं। एशियाई पैरा खेलों में उनका यह कांस्य पदक भारतीय पैरा जूडो के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे