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भारत बना वैश्विक खेल आयोजनों का पसंदीदा केंद्र, दो वर्षों में की 36 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी : डॉ. मंडाविया

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भारत बना वैश्विक खेल आयोजनों का पसंदीदा केंद्र, दो वर्षों में की 36 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी : डॉ. मंडाविया


- भारत में 2028 तक 29 और अंतरराष्ट्रीय आयोजन प्रस्तावित

नई दिल्ली, 09 जुलाई (हि.स.)।भारत राष्ट्रमंडल खेल 2030 (कॉमनवेल्थ गेम्स) की मेजबानी की तैयारियों को तेज करने और ओलंपिक एवं पैरालंपिक 2036 की मेजबानी की अपनी दावेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ दुनिया के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के पसंदीदा केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।

भारत ने जनवरी, 2025 से जून, 2026 के बीच देश के 15 से अधिक शहरों में 36 अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया। इन आयोजनों ने न केवल भारत के विश्वस्तरीय खेल बुनियादी ढांचे को प्रदर्शित किया, बल्कि विभिन्न ओलंपिक और गैर-ओलंपिक खेलों की मेजबानी में देश की बढ़ती संगठनात्मक क्षमता को भी साबित किया। इन प्रतियोगिताओं में विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, विश्व कप, अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट और महाद्वीपीय क्वालीफायर शामिल रहे। इनमें एथलेटिक्स, हॉकी, बैडमिंटन, निशानेबाजी, मुक्केबाजी, टेबल टेनिस, फुटबॉल, एक्वेटिक्स, पैरा स्पोर्ट्स, शतरंज, साइक्लिंग, फेंसिंग, वॉलीबॉल, रग्बी, सर्फिंग सहित कई खेल शामिल थे। इनमें से कई प्रतियोगिताएं भारत में पहली बार आयोजित हुईं और भारतीय खिलाड़ियों ने घरेलू मैदान पर कई ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन भी किए।

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने एक आधिकारिक बयान में कहा, भारत में अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी हमारे खेल पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है। इससे न केवल देश की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ती है, बल्कि भारतीय खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रतिस्पर्धा का अवसर भी मिलता है। विदेशी दौरों पर होने वाला खर्च कम होता है, अधिकारियों और स्वयंसेवकों की तकनीकी दक्षता बढ़ती है तथा विभिन्न शहरों में खेल अवसंरचना और आयोजन क्षमता का स्थायी विकास होता है।

उन्होंने आगे कहा, हम 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहे हैं और 2036 ओलंपिक की दावेदारी पेश कर रहे हैं। ऐसे में 15 शहरों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी से मिला अनुभव हमारी क्षमताओं को और मजबूत करेगा।

2026 के शेष महीनों में 11 और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं

जुलाई से दिसंबर, 2026 के बीच भारत में 11 और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें प्रमुख रूप से—राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप, विश्व स्नूकर चैंपियनशिप,पैरा तीरंदाजी एशिया कप, वर्ल्ड सर्फ लीग प्रतियोगिताएं, एशियाई जूनियर शतरंज चैंपियनशिप अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन, फुटबॉल और रग्बी प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

2027 और 2028 के लिए भी तैयार है बड़ा खेल कैलेंडर

भारत ने 2027 और 2028 के दौरान आयोजित होने वाली 19 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के अधिकार भी हासिल कर लिए हैं।इनमें विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2028 (भुवनेश्वर), आईएसएसएफ विश्व कप, एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप, एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप, एफआईएच प्रो लीग का घरेलू चरण, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिताएं, वर्ल्ड सर्फ लीग, टेबल टेनिस और पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इसके अलावा कई राष्ट्रीय खेल महासंघ भविष्य में और अधिक एशियाई तथा विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।

देश के कई शहर बन रहे अंतरराष्ट्रीय खेल केंद्र

नई दिल्ली, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, चेन्नई, गोवा, गुवाहाटी, राजगीर, पटना, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ और महाबलीपुरम जैसे शहर लगातार अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं।

भारत 2025 से 2028 के बीच 65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की पुष्टि के साथ यह साबित कर रहा है कि वह 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। यह देश की क्षमता, दूरदृष्टि और वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे