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आईआईएफएल और समर्थानम की साझेदारी, खेली जाएगी भारत-नेपाल ब्लाइंड क्रिकेट शृंखला

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आईआईएफएल और समर्थानम की साझेदारी, खेली जाएगी भारत-नेपाल ब्लाइंड क्रिकेट शृंखला


नई दिल्ली, 10 जून (हि.स.)। भारत में दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट को नई दिशा देने की पहल करते हुए आईआईएफएल होम फाइनेंस ने क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (कैबी) और समर्थानम ट्रस्ट फॉर द डिसेबल्ड के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत तीनों संस्थाओं ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

साझेदारी के अंतर्गत अक्टूबर 2026 में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भारत-नेपाल द्विपक्षीय दृष्टिबाधित क्रिकेट शृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें दोनों देशों के बीच पांच टी-20 मुकाबले खेले जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य दृष्टिबाधित क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का मंच उपलब्ध कराना, देशभर में ब्लाइंड क्रिकेट के प्रति जागरूकता बढ़ाना और खेल में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

आईआईएफएल होम फाइनेंस ने कहा कि यह पहल उसके समावेशी विकास और समाज के वंचित वर्गों को अवसर उपलब्ध कराने के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। संस्था का मानना है कि खेल न केवल प्रतिभा को मंच देता है, बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम भी बनता है।

इस अवसर पर आईआईएफएल होम फाइनेंस की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी आरती मरवाहा ने कहा, “हम ऐसे अवसरों को बढ़ावा देने में विश्वास रखते हैं जो समावेशन, आत्मविश्वास और दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव को मजबूत करें। समर्थानम ट्रस्ट और कैबी के साथ यह साझेदारी दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए अधिक समावेशी खेल व्यवस्था तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

वहीं क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया के अध्यक्ष डॉ. महांतेश जी किवादसन्नावर ने कहा कि दृष्टिबाधित क्रिकेट खिलाड़ियों को नेतृत्व, टीम भावना, आत्मविश्वास और पेशेवर विकास का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा, “संरचित प्रशिक्षण, प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट और अंतरराष्ट्रीय अनुभवों ने दृष्टिबाधित खिलाड़ियों को सामाजिक सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाई है। इस खेल के विकास में सहयोग देने के लिए हम आईआईएफएल होम फाइनेंस के आभारी हैं।”

आयोजकों के अनुसार भारत-नेपाल श्रृंखला में दोनों देशों के प्रतिभाशाली दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और अपनी प्रतिभा, संघर्ष तथा खेल भावना का प्रदर्शन करेंगे।

इस प्रतियोगिता से न केवल ब्लाइंड क्रिकेट को नई पहचान मिलने की उम्मीद है, बल्कि खेल समुदाय, दिव्यांग अधिकार समूहों और आम लोगों के बीच भी जागरूकता बढ़ेगी।

यह पहल आईआईएफएल होम फाइनेंस की समुदाय आधारित सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों को और मजबूत करेगी तथा देश में समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में योगदान देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे