एशियाई खेल 2026 :भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता स्वर्ण
-भारत पहली बार लगातार दो एशियाई खेलों में बना चैंपियन
आइची-नागोया, 03 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रचते हुए एशियाई खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीत लिया। शनिवार को गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत ने पहली बार एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी का स्वर्ण लगातार दूसरी बार जीता है।
यह एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी में भारत का पांचवां स्वर्ण है। इससे पहले भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2022 में स्वर्ण पदक जीता था। 2022 के बाद 2026 में भी खिताब जीतकर भारत ने लगातार दो एशियाई खेलों में चैंपियन बनने की उपलब्धि हासिल की।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है। साथ ही पहली बार किसी एक एशियाई खेल में भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है। शुक्रवार को भारतीय महिला टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण जीता था। इस तरह हॉकी, कबड्डी और क्रिकेट के बाद एशियाई खेलों के एक ही संस्करण में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण जीतने वाला भारत का तीसरा टीम खेल बन गया।
हरमनप्रीत ने दिलाई भारत को बढ़त
भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और चौथे मिनट में पहला सर्किल प्रवेश किया। छठे मिनट में विवेक के पास भी मौका आया लेकिन उनका रिवर्स हिट लक्ष्य से बाहर चला गया। भारत को 12वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार ड्रैगफ्लिक के जरिए गेंद को गोल में पहुंचाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी।
मलेशिया ने दो मिनट बाद ही बराबरी कर ली। शेलो सिल्वरियस ने बाईं ओर से मिले हवाई पास को नियंत्रित किया और तंग कोण से शानदार हाफ-वॉली लगाकर भारतीय गोलकीपर सूरज को छकाते हुए स्कोर 1-1 कर दिया। पहला क्वार्टर इसी स्कोर पर समाप्त हुआ।
जुगराज ने फिर भारत को आगे किया
दूसरे क्वार्टर में भारत ने दबाव बनाए रखा। 23वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और जुगराज सिंह ने बेहतरीन ड्रैगफ्लिक के जरिए गोल करते हुए भारत को 2-1 से आगे कर दिया। मध्यांतर तक भारत ने अपनी बढ़त कायम रखी।
तीसरे क्वार्टर में भारत ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन मलेशिया के मजबूत रक्षण के कारण स्पष्ट मौके कम मिले। 43वें मिनट में मंदीप सिंह के डिफ्लेक्शन के बाद गेंद पोस्ट के डिफेंडर के शरीर से टकराई, जिसके बाद भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। हार्दिक सिंह ने जिम्मेदारी संभाली और गोलकीपर को गलत दिशा में भेजते हुए गेंद गोल में डाल दी। भारत की बढ़त 3-1 हो गई।
आखिरी क्वार्टर में भारत ने दागे दो गोल
चौथे क्वार्टर में भारत ने लगातार दबाव बनाया। 53वें मिनट में भारत को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले। टीवी समीक्षा के बाद पेनल्टी कॉर्नर बरकरार रहा और 55वें मिनट में भारत ने इसका फायदा उठाया। अभिषेक के दाईं ओर से किए गए शानदार प्रयास के बाद डिफ्लेक्शन के जरिए गेंद शिलानंद लाकड़ा तक पहुंची, जिन्होंने करीब से गोल कर भारत की बढ़त 4-1 कर दी।
इसके दो मिनट बाद समीक्षा के बाद दिलप्रीत सिंह पर पुश की पुष्टि होने पर भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। हरमनप्रीत सिंह ने एक बार फिर शानदार ड्रैगफ्लिक के जरिए गोल करते हुए भारत को 5-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी।
अंतिम मिनटों में भारतीय टीम ने मलेशिया को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और 5-1 की जीत के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारत के एशियाई खेल 2026 में कुल 85 पदक हो गए हैं, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

