मोरक्को में भुल्लर रहे सर्वश्रेष्ठ भारतीय गोल्फर, इंटरनेशनल सीरीज में संयुक्त 31वें स्थान पर समाप्त किया अभियान
रबात (मोरक्को), 15 जून (हि.स.)।
भारत के अनुभवी गोल्फर गगनजीत भुल्लर ने इंटरनेशनल सीरीज मोरक्को में भारतीय खिलाड़ियों के बीच सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता का समापन संयुक्त 31वें स्थान के साथ किया। दो मिलियन अमेरिकी डॉलर इनामी राशि वाले इस एशियन टूर टूर्नामेंट के अंतिम दौर में भुल्लर ने 1 ओवर 73 का कार्ड खेला।
एशियन टूर में 11 खिताब जीत चुके और एएम ग्रीन इंडियन गोल्फ प्रीमियर लीग (आईजीपीएल) के चार बार के विजेता भुल्लर ने चार राउंड में 70, 74, 68 और 73 का स्कोर बनाया। उनका कुल स्कोर 6-अंडर पार रहा। हालांकि वह सप्ताहांत में खिताबी दौड़ में जगह नहीं बना सके, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों में सबसे आगे रहे।
भारतीय खिलाड़ियों के लिए अंतिम दिन चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। एएम ग्रीन आईजीपीएल विजेता करनदीप कोच्छर ने अंतिम राउंड में 78 का स्कोर बनाया और संयुक्त 61वें स्थान पर खिसक गए। वहीं अजीतेश संधू ने 77 का कार्ड खेलते हुए प्रतियोगिता का समापन भी संयुक्त 61वें स्थान पर किया।
इस टूर्नामेंट में मोरक्को का कठिन कोर्स भारतीय खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ। शुरुआती दो राउंड के बाद भारत के सात अन्य खिलाड़ी कट हासिल करने में असफल रहे। ऐसे में भुल्लर का चारों दिन लगातार संतुलित प्रदर्शन भारत के लिए सकारात्मक पहलू रहा।
टूर्नामेंट का खिताब हांगकांग के ताइची खो ने अपने नाम किया। 25 वर्षीय खिलाड़ी ने अंतिम राउंड में 68 का स्कोर करते हुए कुल 19-अंडर पार के साथ पहला इंटरनेशनल सीरीज और करियर का दूसरा एशियन टूर खिताब जीता। उन्होंने पूर्व मास्टर्स चैंपियन बुब्बा वॉटसन को रोमांचक मुकाबले में पीछे छोड़ा। वॉटसन का आखिरी खिताब वर्ष 2018 में आया था।
इस जीत के साथ ताइची खो एशियन टूर ऑर्डर ऑफ मेरिट में दूसरे और इंटरनेशनल सीरीज रैंकिंग में तीसरे स्थान पर पहुंच गए। पिछले सप्ताह जापान गोल्फ टूर में प्लेऑफ हारने के बाद यह जीत उनके लिए शानदार वापसी भी रही।
भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट मिले-जुले परिणाम लेकर आया। भुल्लर ने एक बार फिर साबित किया कि वह कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में भी प्रतिस्पर्धी बने रह सकते हैं, जबकि बाकी खिलाड़ी आगामी एशियन टूर प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

