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आईएसएल में खराब शुरुआत के बाद मैनोलो मार्केज ने छोड़ा मुंबई सिटी एफसी का साथ

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आईएसएल में खराब शुरुआत के बाद मैनोलो मार्केज ने छोड़ा मुंबई सिटी एफसी का साथ


मुंबई, 06 नवंबर (हि.स.)। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2026-27 सत्र में खराब शुरुआत के बाद मुंबई सिटी एफसी और पूर्व भारतीय कोच मैनोलो मार्केज ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है।

क्लब ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। मार्केज इससे पहले हैदराबाद एफसी और भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं।

मुंबई सिटी ने इस सत्र में अपने अभियान की शुरुआत चर्चिल ब्रदर्स के खिलाफ हार के साथ की थी। इसके बाद घरेलू मैदान पर स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली ने उसे चौंका दिया। टीम अपने अन्य दो मुकाबलों में केरल ब्लास्टर्स और पंजाब एफसी के खिलाफ ड्रॉ खेलने में सफल रही।

क्लब के फुटबॉल निदेशक सुजय शर्मा ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “इस सत्र में आईएसएल के प्रत्येक क्लब की तरह हम भी भारतीय फुटबॉल के एक नए दौर से गुजर रहे हैं। कई मायनों में यह भारतीय फुटबॉल के शीर्ष स्तर के लिए एक नई शुरुआत है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम मैनोलो को भारतीय फुटबॉल में उनके अनुभव और उपलब्धियों को देखते हुए क्लब में लेकर आए थे। अब हमारा पूरा ध्यान पहली टीम को समर्थन देने और मौजूदा सत्र के अपने लक्ष्यों को हासिल करने पर है। टीम और कोचिंग व्यवस्था से जुड़ी आगे की जानकारी उचित समय पर क्लब के आधिकारिक माध्यमों से साझा की जाएगी।”

मार्केज ने 2022 में हैदराबाद एफसी को पहली और अब तक की एकमात्र आईएसएल खिताबी जीत दिलाई थी। इसके बाद उन्होंने एफसी गोवा को 2025 और 2025-26 सत्र में लगातार दो सुपर कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, मुंबई सिटी के साथ उनका कार्यकाल उम्मीद के मुताबिक शुरू नहीं हुआ।

चर्चिल ब्रदर्स के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में हार के बाद मार्केज ने टीम की तैयारी के लिए पर्याप्त प्री-सीजन मैच नहीं मिलने पर नाराजगी जताई थी। मैच के बाद प्रसारकों से बातचीत में स्पेनिश कोच ने कहा था, “हमारा प्री-सीजन मजाक था। क्लब एक भी मजबूत मुकाबले का आयोजन नहीं कर पाया। हमने जो भी मैच खेले, वे सभी एक तरह से झूठ थे। किसी मजबूत टीम के खिलाफ यह हमारा पहला मुकाबला था और दुर्भाग्य से हम हार गए।”

मुंबई सिटी से अलग होने के साथ ही भारतीय फुटबॉल में मार्केज का लगातार छह वर्षों से चला आ रहा कोचिंग कार्यकाल भी समाप्त हो गया है। इस दौरान उन्होंने क्लब स्तर पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं और कुछ समय के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी भी संभाली।

भारतीय टीम के साथ उनके संक्षिप्त कार्यकाल में ब्लू टाइगर्स ने एक अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबले में मालदीव को हराया था। हालांकि, प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में जीत नहीं मिलने के कारण अंततः उन्होंने आपसी सहमति से भारतीय टीम का पद छोड़ दिया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे