रूस से 0-4 की हार के बावजूद युवा भारतीय टीम के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं कोच क्रिस्पिन छेत्री
कोलकाता, 09 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय महिला फुटबॉल टीम के मुख्य कोच क्रिस्पिन छेत्री ने रूस के खिलाफ पहले अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबले में 0-4 की हार के बावजूद अपनी युवा टीम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि टीम ने शुरुआती दौर में अच्छा जुझारूपन दिखाया और खिलाड़ियों को इस अनुभव से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
किशोर भारती क्रीड़ांगन में खेले गए मुकाबले में रूस की इयाना शेइना ने 40वें मिनट में शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद स्थानापन्न खिलाड़ी किरा पेतुखोवा ने 60वें और 65वें मिनट में लगातार दो गोल किए। इयाना स्विस्तुनोवा ने 81वें मिनट में गोल कर रूस की जीत 4-0 कर दी। दूसरे हाफ में रूस के लगातार हमलों के सामने भारतीय टीम दबाव में आ गई।
मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में छेत्री ने कहा, “इस मैच की सकारात्मक बात यह रही कि युवा टीम होने के बावजूद हमने जुझारूपन दिखाया। हम दबाव बनाकर खेलने से नहीं डरते और न ही दौड़ने से घबराते हैं। हम उन चीजों को करने की कोशिश करते हैं, जो हमारे नियंत्रण में हैं।”
मुख्य कोच ने टीम के 25 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने रूस की शारीरिक मजबूती और सेट पीस से मिलने वाली चुनौती का सामना करने की कोशिश की। छेत्री ने कहा, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने जुझारूपन दिखाया और हार नहीं मानी। मेरे लिए यही सबसे अच्छी बात है।”
लंबे समय तक लय बनाए रखने पर होगा जोर
छेत्री ने स्वीकार किया कि जून के बाद से प्रतिस्पर्धी फुटबॉल नहीं खेलने के कारण भारतीय खिलाड़ियों को कठिनाई हुई। इसके विपरीत रूस की टीम अपनी घरेलू लीग के बीच में है और बेहतर मैच अभ्यास के साथ मैदान पर उतरी थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस मुकाबले से युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अनुभव मिलेगा, जो उनके विकास में मददगार होगा।
11 अक्टूबर को होने वाले दूसरे मैत्री मुकाबले को लेकर छेत्री ने कहा कि टीम का ध्यान लंबे समय तक खेल की तीव्रता बनाए रखने में सुधार करने पर रहेगा। साथ ही, पहले मैच के अंतिम चरण में खेलने वाली युवा खिलाड़ियों को अगले मुकाबले में अधिक अवसर दिए जा सकते हैं।
भारतीय टीम का अगला बड़ा लक्ष्य 2029 में होने वाला एएफसी महिला एशियाई कप है। छेत्री ने कहा कि टीम की प्रगति के लिए अधिक खिलाड़ियों का मजबूत समूह तैयार करना महत्वपूर्ण है। रूस के खिलाफ दूसरा मुकाबला युवा भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने और पहले मैच से मिली सीख को मैदान पर लागू करने का एक और अवसर देगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

