फीफा ने शुरू की स्पेन-अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के बीच हुई झड़प की जांच
नई दिल्ली, 21 जुलाई (हि.स.)।
फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबॉल एसोसिएशन (फीफा) ने रविवार को खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल के बाद मैदान पर स्पेन और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों व कोचिंग स्टाफ के बीच हुई हिंसक झड़प की अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी है।
न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फाइनल में फेरान टोरेस ने अतिरिक्त समय (106वें मिनट) में गोल कर स्पेन को अर्जेंटीना पर 1-0 से जीत दिलाई और स्पेन ने अपना दूसरा पुरुष फीफा विश्व कप खिताब जीता। हालांकि मुकाबले के अंत में अर्जेंटीना खिलाड़ियों के अनुशासनहीन व्यवहार ने मैच की चमक फीकी कर दी।
इससे पहले अतिरिक्त समय के अंतिम क्षणों में अर्जेंटीना के मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को स्पेन के पाउ कुबार्सी पर खतरनाक फाउल करने के कारण रेफरी स्लावको विनचिच ने दूसरा पीला कार्ड दिखाकर लाल कार्ड दे दिया था।
मैच समाप्त होने के बाद सामने आए वीडियो में अर्जेंटीना के लिएंड्रो परेडेस और नाहुएल मोलिना को स्पेन के एरिक गार्सिया और रोद्री के साथ हाथापाई करते देखा गया। वहीं अर्जेंटीना के सहायक कोच रोबर्टो आयाला भी कथित तौर पर स्पेन के दानी ओल्मो पर हाथ उठाते नजर आए।
इसके बाद मोलिना ने रोद्री को घेर लिया, जबकि अर्जेंटीना के डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी ने अपने पूर्व मैनचेस्टर सिटी साथी रोद्री के साथ तीखी बहस की।
स्थिति को शांत कराने के लिए अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी और दोनों टीमों के अन्य खिलाड़ी बीच-बचाव के लिए मैदान में पहुंचे।
फीफा ने अब पुष्टि की है कि पूरे मामले की अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी गई है और यह देखा जाएगा कि फीफा अनुशासन संहिता के उल्लंघन के मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाए।
फीफा के आधिकारिक बयान में कहा गया, स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेले गए फीफा विश्व कप फाइनल की मैच रिपोर्ट का आकलन करने और फीफा अनुशासन संहिता (एफडीसी) के अनुच्छेद 36 के तहत फीफा अनुशासन समिति ने मैच के बाद हुई घटनाओं की जांच के लिए एक अनुशासन एवं नैतिकता अभियोजक नियुक्त किया है, जो संभावित उल्लंघनों की जांच करेगा।
बयान में आगे कहा गया, अभियोजक की रिपोर्ट पूरी होने के बाद फीफा अनुशासन समिति आगे की जानकारी सार्वजनिक करेगी।
गौरतलब है कि अर्जेंटीना के एंजो फर्नांडीज विश्व कप फाइनल में लाल कार्ड पाने वाले 2010 के बाद पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले 2010 विश्व कप फाइनल में नीदरलैंड्स के जॉन हाइटिंगा को दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में स्पेन के खिलाफ खेले गए फाइनल में लाल कार्ड दिखाया गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

