ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में इन भारतीय खिलाड़ियों पर रहेंगी पदक की सबसे बड़ी उम्मीदें
नई दिल्ली, 22 जुलाई (हि.स.)। 23 जुलाई से 2 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय दल एक बार फिर दमदार प्रदर्शन के इरादे से उतरेगा। अनुभवी सितारों और युवा खिलाड़ियों के मिश्रण वाली भारतीय टीम से कई स्पर्धाओं में पदक की उम्मीद की जा रही है। खासकर नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहैन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर देश की नजरें टिकी होंगी।
इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में 74 देशों और क्षेत्रों के तीन हजार से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, तैराकी, कलात्मक जिम्नास्टिक, ट्रैक साइकिलिंग, नेटबॉल, भारोत्तोलन, मुक्केबाजी, जूडो, बाउल्स और 3x3 बास्केटबॉल समेत 10 खेल शामिल हैं।
नीरज चोपड़ा पर फिर रहेंगी स्वर्ण पदक की उम्मीदें
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा एक बार फिर भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगे। उनसे स्वर्ण पदक की सबसे मजबूत उम्मीद मानी जा रही है।
मीराबाई चानू रच सकती हैं गोल्ड की हैट्रिक
भारोत्तोलन में भारत की स्टार खिलाड़ी मीराबाई चानू अब तक राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। ग्लासगो में वह लगातार तीसरा स्वर्ण जीतकर इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगी।
लवलीना बोरगोहैन से मुक्केबाजी में बड़ी आस
टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और 2023 विश्व चैंपियन लवलीना बोरगोहैन महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में भारत की सबसे बड़ी पदक दावेदार होंगी। अपनी निरंतरता और अनुभव के दम पर उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है।
गुरिंदरवीर सिंह पर होगी सबकी नजर
भारत के सबसे तेज धावक गुरिंदरवीर सिंह ने इस वर्ष 100 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए 10.09 सेकंड का समय निकाला था। राष्ट्रमंडल खेलों में वह पहली बार हिस्सा लेंगे और एथलेटिक्स में भारत के लिए पदक जीतने की क्षमता रखते हैं।
प्रणति नायक जिम्नास्टिक में करेंगी चुनौती पेश
अनुभवी जिम्नास्ट प्रणति नायक कलात्मक जिम्नास्टिक में भारत की चुनौती का नेतृत्व करेंगी। उनका लक्ष्य राष्ट्रमंडल खेलों में पहला पदक जीतकर इतिहास रचना होगा।
युवा खिलाड़ियों से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
इन दिग्गज खिलाड़ियों के अलावा सरवेश कुशारे और ज्ञानेश्वरी यादव जैसे युवा खिलाड़ी भी पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेंगे। उनसे भविष्य की मजबूत भारतीय टीम की नींव रखने वाले प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भी करेगा। ऐसे में ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन न केवल पदकों के लिहाज से अहम होगा, बल्कि अहमदाबाद 2030 की तैयारियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

