शमी ने भारतीय ड्रेसिंग रूम में मेरी काफी मदद की : मोर्ने मोर्कल
नई दिल्ली, 07 नवंबर (हि.स.)। भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की तारीफ करते हुए कहा कि जब उन्होंने भारतीय टीम के साथ काम करना शुरू किया था, तब शमी ने ड्रेसिंग रूम में उन्हें भारतीय क्रिकेट की कार्यशैली और माहौल समझने में काफी मदद की थी। मोर्कल ने शमी के संन्यास को दुखद दिन बताया।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्कल वर्ष 2024 में मुख्य कोच गौतम गंभीर के कोचिंग स्टाफ के हिस्से के रूप में भारतीय टीम से जुड़े थे। हालांकि, उन्हें टेस्ट प्रारूप में शमी के साथ काम करने का मौका नहीं मिला, लेकिन वर्ष 2025 की शुरुआत में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान दोनों ने कुछ समय साथ बिताया था। यह भारतीय जर्सी में शमी की आखिरी प्रतियोगिता थी।
प्रसारणकर्ता सोनी स्पोर्ट्स से मैच से पहले बातचीत में मोर्कल ने कहा, जब मैंने पहली बार टीम के साथ काम करना शुरू किया, तब शमी टीम का हिस्सा थे। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। वह बेहद कुशल खिलाड़ी हैं और टीम के साथ ड्रेसिंग रूम में उनकी मौजूदगी काफी अहम थी। जब मैं टीम से जुड़ा, तब उन्होंने ड्रेसिंग रूम में मुझे भारतीय माहौल और यहां की भाषा समझने में काफी मदद की। उन्होंने मेरी बहुत सहायता की। उन्हें क्रिकेट से विदा लेते देखना दुखद है।
शमी ने तीनों प्रारूपों में भारत के लिए कुल 462 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए। इनमें टेस्ट क्रिकेट में 229 और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 206 विकेट शामिल हैं। हालांकि, वह बंगाल के लिए सीमित ओवरों का घरेलू क्रिकेट और आईपीएल खेलना जारी रखेंगे।
मोर्कल ने कहा कि उन्हें यह देखकर अच्छा लगता है कि शमी अब भी घरेलू क्रिकेट में पूरी मेहनत और उसी तीव्रता के साथ गेंदबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मेरा मतलब है कि वह अब भी अपने घर पर काफी ओवर गेंदबाजी कर रहे हैं और यह देखकर अच्छा लगता है।
36 वर्षीय शमी ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट पदार्पण किया था। अपने करियर में उन्होंने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट हासिल किए, जिसमें छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा शामिल है।
शमी ने भारत के लिए घरेलू और विदेशी परिस्थितियों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। खासकर विदेशी मैदानों पर उनकी गेंदबाजी उल्लेखनीय रही। उन्होंने 41 विदेशी टेस्ट मैचों में 30.33 के औसत से 145 विकेट लिए। नई और पुरानी दोनों गेंदों से स्विंग तथा सीम मूवमेंट हासिल करने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का भरोसेमंद सदस्य बनाया।
शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला वर्ष 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेला था। चोटों के कारण उनके करियर में कई बार रुकावटें आईं, लेकिन उन्होंने तीनों प्रारूपों में भारतीय टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

