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अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से लिया संन्यास, भावुक संदेश में कहा- 'हर शुरुआत का एक अंत होता है'

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अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से लिया संन्यास, भावुक संदेश में कहा- 'हर शुरुआत का एक अंत होता है'


नई दिल्ली, 30 जुलाई (हि.स.)।

भारत के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने बुधवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है।

भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल रहाणे ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर अपने 20 वर्षों से अधिक लंबे क्रिकेट सफर को विराम देने का फैसला सुनाया।

अपने संदेश में रहाणे ने कहा, ज़िंदगी की सच्चाई यही है कि हर शुरुआत का एक अंत होता है। जब वह समय आता है तो उसका सम्मान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। बल्लेबाजी में मैंने हमेशा सही टाइमिंग पर भरोसा किया और उसकी अहमियत को समझा। आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सहित खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का यही सही समय है।

उन्होंने कहा, डोंबिवली से एक छोटे लड़के के रूप में अभ्यास करने के लिए सफर करने से लेकर भारत की टोपी पहनने तक, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया। हर दिन, हर पारी और बल्लेबाजी का हर मौका मेरे लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना था। मैंने हमेशा एक सिद्धांत अपनाया कि देश और टीम हमेशा मुझसे ऊपर रहेंगे। मैंने पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला और हमेशा विश्वास किया कि यदि आपकी नीयत सही हो तो खेल आपका साथ देता है।

रहाणे ने भारतीय क्रिकेट से मिले अनुभवों को याद करते हुए कहा, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद से पिछले 20 वर्षों में भारतीय क्रिकेट ने जबरदस्त प्रगति की है और उसका हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है। एक भारतीय क्रिकेटर के रूप में मेरा अध्याय भले समाप्त हो रहा हो, लेकिन खेल के साथ मेरी यात्रा खत्म नहीं हुई है। अब मैं अगली पीढ़ी की मदद करना चाहता हूं, उन्हें इस खेल से सीखे गए मूल्य देना चाहता हूं और क्रिकेट को कुछ लौटाना चाहता हूं, जिसने मुझे सब कुछ दिया।

उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई), मुंबई क्रिकेट संघ, अपने साथियों, कोचों, आईपीएल फ्रेंचाइज़ियों, पत्नी राधिका, परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, मेरे करियर में जीत भी मिली और हार भी, गलतियां भी हुईं, लेकिन एक जगह मैं कभी नहीं हारा और वह आप सभी के दिल थे। आपने हमेशा मुझे अपना माना। आपके प्यार, विश्वास और समर्थन के लिए धन्यवाद। कैप नंबर 278, अब विदा लेता हूं।

यादगार रहा रहाणे का करियर

अजिंक्य रहाणे का क्रिकेट सफर मुंबई से शुरू हुआ, जहां उन्होंने अपने दूसरे रणजी ट्रॉफी सत्र में 1,000 से अधिक रन बनाकर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उन्होंने 2013 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और जल्द ही डरबन तथा वेलिंगटन में शानदार पारियों से खुद को स्थापित कर लिया। 2014 में लॉर्ड्स टेस्ट में खेली गई उनकी 103 रन की पारी भारत की 28 वर्षों बाद उस ऐतिहासिक मैदान पर पहली जीत की नींव बनी।

इसके बाद उन्होंने मेलबर्न, कोलंबो और दिल्ली में शतक जड़े तथा विदेशी दौरों पर कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। वर्ष 2020 के बॉक्सिंग डे टेस्ट में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर लगाया गया उनका शतक भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है, जिसने ऑस्ट्रेलिया में भारत की ऐतिहासिक टेस्ट श्रृंखला जीत की नींव रखी।

2022 में टीम से बाहर होने के बाद रहाणे ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन कर वापसी की और 2023 की आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल टीम में जगह बनाई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस फाइनल में उन्होंने पहली पारी में 89 रन बनाकर भारत की ओर से सर्वाधिक स्कोर किया, जो उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच भी साबित हुआ। आईपीएल 2026 में वो केकेआर के कप्तान भी थे।

रहाणे के करियर पर एक नजर

रहाणे ने भारत के लिए 195 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिनमें 85 टेस्ट, 90 एकदिवसीय और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले शामिल हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 85 मैचों की 144 पारियों में 5,077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल रहे। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्होंने 90 वनडे मैचों में 2,962 रन और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 375 रन बनाए।

आईपीएल में भी रहाणे का लंबा और सफल करियर रहा। उन्होंने 212 आईपीएल मैचों में छह अलग-अलग फ्रेंचाइज़ियों का प्रतिनिधित्व किया और अपनी तकनीकी बल्लेबाजी तथा अनुभव से कई यादगार पारियां खेलीं।

भारतीय क्रिकेट में अजिंक्य रहाणे को हमेशा एक शांत, संयमित और टीम के लिए समर्पित बल्लेबाज के रूप में याद किया जाएगा, जिसने विदेशी धरती पर कई ऐतिहासिक जीतों में अहम भूमिका निभाई और अपने खेल व व्यवहार से करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे