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लगातार दो जीत के बाद भी गेंदबाजी से खुश नहीं मॉर्कल, बोले- अब स्तर उठाना होगा

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लगातार दो जीत के बाद भी गेंदबाजी से खुश नहीं मॉर्कल, बोले- अब स्तर उठाना होगा


- भुवनेश्वर के बचाव में उतरे गेंदबाजी कोच, बोले- बाहरी बातों की परवाह छोड़ अपने खेल पर ध्यान दें

वेलिंगटन, 26 अक्टूबर (हि.स.)। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला में भारत ने भले ही 2-0 की बढ़त बना ली है, लेकिन भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्कल गेंदबाजों के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने माना कि गेंदबाजी के दौरान कुछ फैसले बेहतर हो सकते थे और खिलाड़ियों को अपनी योजनाओं को मैदान पर अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत है। मॉर्कल ने साथ ही स्पष्ट किया कि शुरुआती मुकाबलों में यात्रा और थकान को देखते हुए खिलाड़ियों को कुछ छूट दी गई थी, लेकिन अब प्रदर्शन का स्तर सुधारना होगा।

भारत ने पहले टी20 मुकाबले में 226 रन का लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरे मैच में 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अंतिम दो गेंदों में से एक पर जीत हासिल की। इन दोनों मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन गेंदबाजों को रन रोकने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

मॉर्कल ने सोमवार को 27 अक्टूबर को होने वाले तीसरे टी 20 मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, पिछले मुकाबले के मैदान पर सामान्य स्कोर लगभग 180 से 190 रन के बीच माना जा सकता था। पहले मैच में गेंदबाजी के कुछ चरणों में टीम का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। कुछ मौकों पर गेंदबाजों ने सही विकल्प नहीं चुने। हालांकि खिलाड़ियों को अपने फैसलों पर भरोसा करने देना भी जरूरी है, ताकि बाद में उनके प्रदर्शन की समीक्षा कर सुधार किया जा सके।

उन्होंने कहा, “हम खिलाड़ियों को अपनी समझ पर भरोसा करने और फैसले लेने की छूट देते हैं। इसके बाद हम उन फैसलों पर बातचीत कर सकते हैं। हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मैदानकर्मियों ने बहुत अच्छी पिच तैयार की है। अगर दोनों टीमें 200 से अधिक रन बनाती हैं, तो यह अच्छी पिच का संकेत है।”

मॉर्कल ने न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों की विकेटों के बीच तेज दौड़ की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि बड़े मैदान पर केवल चौके-छक्कों के बारे में सोचने के बजाय दो रन लेने के अवसरों को भी पहचानना जरूरी है। इससे बल्लेबाजों के लिए रन बनाने के विकल्प बढ़ जाते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय गेंदबाजों के लिए यह सीखने का अच्छा अवसर है। कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों को योजनाएं बता सकता है, लेकिन आखिर में सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वे मैदान पर उन योजनाओं को कितनी अच्छी तरह लागू करते हैं।

मॉर्कल ने कहा, “शुरुआती दो मुकाबलों में यात्रा, जेट लैग और सीमित अभ्यास को देखते हुए हमने खिलाड़ियों को कुछ छूट दी, लेकिन अब कोई बहाना नहीं चलेगा। हमने पर्याप्त आराम कर लिया है और अब हमें अपने प्रदर्शन का स्तर ऊपर ले जाना है। छोटी-छोटी चीजों में सुधार करके हम बेहतर कर सकते हैं।”

शृंखला का तीसरा मुकाबला मंगलवार को वेलिंगटन में खेला जाएगा। यहां तेज हवाएं खिलाड़ियों के लिए नई चुनौती पेश कर सकती हैं। मॉर्कल ने कहा कि हवा का असर बल्लेबाजों के रुख, क्रीज पर संतुलन और गेंदबाजों की गेंदबाजी सहित खेल के कई पहलुओं पर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अभ्यास और वार्मअप के दौरान परिस्थितियों को समझने का प्रयास करना होगा। हालांकि, मैच के दौरान उन्हें मौसम के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय हर गेंद पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान देना होगा।

मॉर्कल ने कहा, “यह हवा हमारे लिए एक नया अनुभव है। मैंने सुबह होटल में भी महसूस किया कि पूरा भवन हिल रहा था। खिलाड़ियों को इन परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना होगा। हमारे पास अभ्यास के लिए सीमित समय है, इसलिए हमें इसका पूरा इस्तेमाल करना होगा। चुनौती का सामना करना है, बहाने नहीं बनाने हैं।”

भारतीय गेंदबाजी कोच ने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का भी बचाव किया, जो लगभग चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। मौजूदा श्रृंखला में भुवनेश्वर आठ ओवर में 99 रन खर्च कर केवल एक विकेट ले सके हैं।

मॉर्कल ने कहा कि भुवनेश्वर से वापसी के साथ काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। उन्होंने आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौती अलग होती है। सीमित अभ्यास और व्यस्त कार्यक्रम के कारण उन्हें अपनी लय हासिल करने के लिए समय देना जरूरी है।

उन्होंने कहा, “भुवनेश्वर की वापसी को लेकर मुझे उनसे पूरी सहानुभूति है। चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटने पर उनसे काफी उम्मीदें होंगी। आईपीएल में उन्होंने शानदार गेंदबाजी की है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अलग चुनौती है, जहां गलतियों की गुंजाइश बहुत कम होती है।”

मॉर्कल ने कहा कि भुवनेश्वर के पास कौशल और अनुभव की कमी नहीं है। उन्हें केवल अपनी लय हासिल करने और बिना अतिरिक्त दबाव के खेलने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “जब से वह टीम के साथ जुड़े हैं, हमारा संदेश यही रहा है कि किसी चीज के पीछे भागने की जरूरत नहीं है। बस अपना स्वाभाविक खेल खेलें। उम्मीदें रहेंगी, लेकिन हर मुकाबले के साथ आपका प्रदर्शन बेहतर होगा और आप अपनी लय हासिल करेंगे। बाहरी बातों पर ध्यान देने के बजाय अपने खेल से जुड़े रहें।”

अब भारतीय गेंदबाजों के सामने तीसरे टी20 में बेहतर प्रदर्शन करके श्रृंखला में अपनी बढ़त मजबूत करने की चुनौती होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे