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वरुण चक्रवर्ती की जुझारू भावना को सलाम, दर्द में भी टीम के लिए खेले: अजिंक्य रहाणे

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वरुण चक्रवर्ती की जुझारू भावना को सलाम, दर्द में भी टीम के लिए खेले: अजिंक्य रहाणे


कोलकाता, 25 मई (हि.स.)।

कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के कप्तान अंजिक्य रहाणे ने खुलासा किया है कि टीम के स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने पैर की उंगली में फ्रैक्चर होने के बावजूद खेलने का फैसला खुद लिया था। रहाणे ने कहा कि वरुण की टीम के प्रति प्रतिबद्धता और जुझारूपन काबिल-ए-तारीफ है।

दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ रविवार को केकेआर के आखिरी लीग मैच के बाद रहाणे ने कहा कि वरुण को खिलाने का फैसला मेडिकल टीम की सलाह के बाद लिया गया था। उन्होंने बताया कि केकेआर के फिजियो, बीसीसीआई की एनसीए टीम और भारतीय टीम के मेडिकल स्टाफ के बीच इस मामले पर विस्तार से चर्चा हुई थी।

रहाणे ने कहा, “मैं मेडिकल मामलों में दखल नहीं देता। मेरा काम सिर्फ यह देखना होता है कि खिलाड़ी का मानसिक स्तर कैसा है, वह खेलने के लिए तैयार है या नहीं और कितना जोखिम है। फिजियो का मानना था कि खेलने से वरुण की चोट और नहीं बढ़ेगी।”

दरअसल, वरुण चक्रवर्ती को 3 मई को हैदराबाद में मैच के दौरान चोट लगी थी, जब ईशान किशन का सीधा शॉट उनके बूट पर जा लगा। इससे उनके बाएं पैर की उंगली में फ्रैक्चर हो गया। आईपीएल 2026 में यह उनका तीसरा फ्रैक्चर था, क्योंकि इससे पहले उनकी दो उंगलियां भी चोटिल हो चुकी थीं।

रहाणे ने कहा कि इतनी गंभीर चोट के बावजूद वरुण लगातार टीम के लिए खेलने को तैयार थे।

उन्होंने कहा, “पूरा श्रेय वरुण को जाता है। ऐसी चोट में भी अगर खिलाड़ी खेलने की इच्छा दिखाता है तो यह बताता है कि टीम उसके लिए कितनी मायने रखती है। वह पूरी तरह खेलने के लिए तैयार थे।”

उन्होंने आगे कहा, “एक मैच में हमें उन्हें आराम देना पड़ा क्योंकि दर्द काफी ज्यादा था, लेकिन फिर भी वरुण का कहना था कि वह खेल सकते हैं। जब कोई खिलाड़ी खुद खेलने की इच्छा जताता है तो यह टीम और फिजियो के लिए सकारात्मक संकेत होता है।”

“मैं कभी पीछे हटने वालों में नहीं रहा” : रहाणे

सीजन के दौरान केकेआर की लगातार हार और अपनी कप्तानी पर उठे सवालों को लेकर भी रहाणे ने खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि कप्तानी छोड़ने का विचार कभी उनके मन में नहीं आया।

रहाणे ने कहा, “मैंने हमेशा सकारात्मक सोच के साथ क्रिकेट खेला है। मेरा मानना है कि जब टीम मुश्किल में हो, तभी आपके चरित्र की असली परीक्षा होती है। दबाव हर खिलाड़ी पर होता है, लेकिन जरूरी यह है कि आप घबराएं नहीं।”

उन्होंने कहा कि लगातार हार के बावजूद टीम ने हार नहीं मानी और यही केकेआर की सबसे बड़ी ताकत रही। रहाणे ने कहा, “हमारे लिए सबसे जरूरी था वर्तमान में बने रहना। क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। मैं कभी पीछे हटने वालों में नहीं रहा और कप्तानी छोड़ने का विचार मेरे मन में कभी नहीं आया।”

भारतीय गेंदबाजों पर भरोसा करना पड़ा सही फैसला

रहाणे ने यह भी बताया कि सीजन के दौरान कई तेज गेंदबाज चोटिल हुए, लेकिन उन्होंने भारतीय गेंदबाजों पर भरोसा बनाए रखा। इसका फायदा टीम को बाद में मिला।

उन्होंने कहा, “मैं भारतीय गेंदबाजों को समय देना चाहता था। मुझे भरोसा था कि अगर हम उनका समर्थन करेंगे तो वे दबाव में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। शुरुआती मैचों में हम कुछ मौकों का फायदा नहीं उठा सके, लेकिन टीम ने जिस तरह वापसी की, उस पर मुझे गर्व है।”

बता दें कि केकेआर को अपने आखिरी लीग मैच में दिल्ली के खिलाफ 40 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के साथ ही केकेआर ने आईपीएल 2026 में 13 अंकों के साथ सातवें स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे