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आरसीबी की मुंबई पर 18 रन से जीत, कप्तान रजत पाटीदार बोले- लगातार 200+ स्कोर से बढ़ा आत्मविश्वास

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आरसीबी की मुंबई पर 18 रन से जीत, कप्तान रजत पाटीदार बोले- लगातार 200+ स्कोर से बढ़ा आत्मविश्वास


मुंबई, 13 अप्रैल (हि.स.)। गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने रविवार को मुंबई इंडियंस को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में 18 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में आरसीबी ने इस मैदान पर अपना अब तक का सर्वोच्च स्कोर भी बनाया। टीम की जीत में फ़िल सॉल्ट (36 गेंद में 78 रन) और कप्तान रजत पाटीदार (20 गेंद में 53 रन) ने अहम भूमिका निभाई। गेंदबाजी में क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा ने प्रभावी प्रदर्शन किया।

जीत के बाद कप्तान रजत पाटीदार ने टीम की बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “इस समय ऐसा लग रहा है कि हम हर मैच में 200 से ज्यादा रन बना रहे हैं। इससे मुझे काफी आत्मविश्वास मिलता है और बतौर कप्तान मुझे लगता है कि टीम में काफी प्रतिभा है।”

पाटीदार ने इस मुकाबले में महज 17 गेंदों में अर्धशतक जड़कर टूर्नामेंट के इतिहास में कप्तान द्वारा सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भी बनाया।

अपनी बल्लेबाजी शैली पर उन्होंने कहा, “मैं ज्यादा नहीं सोचता कि कैसे खेलना है। मैं गेंद के अनुसार प्रतिक्रिया देता हूं और यह स्पष्ट रखता हूं कि किस गेंदबाज को निशाना बनाना है और कौन-सा शॉट खेलना है। डगआउट में भी मैं स्कोरिंग के मौके तलाशता रहता हूं।”

मैच में गेंद से अहम योगदान देने वाले क्रुणाल पांड्या ने टीम की बल्लेबाजी की सराहना करते हुए कहा, “हर मैच जीतने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। जिस तरह विराट, साल्ट और टिम ने बल्लेबाजी की, वह शानदार था। खासकर साल्ट ने पावरप्ले में जिस तरह आक्रामक खेल दिखाया, उसने हमें मजबूत शुरुआत दी।”

उन्होंने कप्तान पाटीदार की भी तारीफ करते हुए कहा, “रजत जिस तरह से लगातार चार पारियों में बल्लेबाजी कर रहे हैं, उनकी स्पष्टता और निरंतरता शानदार है। कप्तान आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे हैं।”

रजत पाटीदार ने गेंदबाजी प्रदर्शन पर कहा, “200 रन होने के बावजूद ओस और परिस्थितियों के कारण दबाव रहता है। भुवी भाई और जैकब ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन मेरे लिए मैच का टर्निंग पॉइंट रासिख का स्पेल था। उनकी योजना, स्लोअर गेंदें और यॉर्कर बेहतरीन थे।”

क्रुणाल पांड्या को लेकर उन्होंने कहा, “क्रुणाल सबसे साहसी गेंदबाजों में से एक हैं। उनके पास कई तरह के कौशल हैं और वह बल्लेबाज को हमेशा असमंजस में रखते हैं।”

टीम के मुख्य कोच मलोलन रंगराजन ने रासिख के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा, “वह एक जुझारू खिलाड़ी हैं। दोनों पैरों में ऐंठन के बावजूद वह मैदान पर डटे रहे और टीम के लिए पूरा प्रयास किया। वह एक फाइटर हैं।”

मैच के बाद क्रुणाल पांड्या ने कहा कि वानखेड़े और चिन्नास्वामी उनके पसंदीदा मैदानों में से हैं, लेकिन उनके लिए सबसे अहम टीम की जीत है। वहीं, कप्तान पाटीदार ने कहा, “हम चिन्नास्वामी में अपने ‘12वें खिलाड़ी’ यानी फैंस के साथ खेलने को लेकर काफी उत्साहित हैं।”

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे