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चेन्नई के खिलाफ मुकाबले से पहले जितेश शर्मा ने कहा, “रिकॉर्ड नहीं, अपने प्रोसेस पर है पूरा फोकस”

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चेन्नई के खिलाफ मुकाबले से पहले जितेश शर्मा ने कहा, “रिकॉर्ड नहीं, अपने प्रोसेस पर है पूरा फोकस”


नई दिल्ली, 04 अप्रैल (हि.स.)।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के विकेटकीपर-बल्लेबाज और उपकप्तान जितेश शर्मा ने 5 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम की रणनीति, अपनी भूमिका और टी20 क्रिकेट के विभिन्न पहलुओं पर खुलकर बात की।

चेन्नई के खिलाफ टीम के अप्रोच को लेकर जितेश ने साफ कहा कि टीम किसी भी रिकॉर्ड या हालिया प्रदर्शन पर ध्यान नहीं दे रही है।

उन्होंने कहा, “यह बहुत सरल है, हम सिर्फ अपने प्रोसेस पर फोकस कर रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में उन्होंने क्या किया, उससे हमें फर्क नहीं पड़ता। हमारी तैयारी ही सबसे महत्वपूर्ण है।”

उपकप्तान की जिम्मेदारी और अपनी बल्लेबाजी भूमिका पर उन्होंने कहा,“जब भी आपको जिम्मेदारी मिलती है, तो आप खुद को भाग्यशाली महसूस करते हैं। मैं टीम के लिए अतिरिक्त प्रयास करता हूं और जीत में योगदान देने की कोशिश करता हूं। लीडरशिप रोल में यह जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।”

चेन्नई के खिलाफ 3-0 के रिकॉर्ड और दबाव के सवाल पर जितेश ने कहा कि टीम एक समय में सिर्फ एक मैच पर ध्यान देती है।

उन्होंने कहा, “यहां आने के बाद मुझे 3-0 के रिकॉर्ड के बारे में पता चला, लेकिन हम सिर्फ एक-एक मैच पर फोकस करते हैं। हम अपनी ताकत और विपक्ष की कमजोरियों के अनुसार योजना बनाते हैं।”

तेज गेंदबाजी के खिलाफ अपने खेल पर उन्होंने कहा कि वह लगातार सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “हाल ही में मैंने ऑस्ट्रेलिया में खेला और कुछ रन भी बनाए। मैं तेज गेंदबाजों के खिलाफ खुद को बेहतर बनाने पर काम कर रहा हूं। कोई भी खिलाड़ी परफेक्ट नहीं होता, सुधार ही सफलता की कुंजी है।”

टी20 में गेंदबाजी प्रदर्शन को लेकर जितेश ने कहा कि इस फॉर्मेट में परफेक्ट गेम संभव नहीं होता।

उन्होंने कहा, “यह फॉर्मेट ऐसा है जहां आपको सीमित मार्जिन में खेलना होता है। फ्लैट पिचों पर गेंदबाजों के पास ज्यादा गुंजाइश नहीं होती, लेकिन 10-15 रन कंट्रोल करना ही अहम होता है और हमारे गेंदबाज शानदार काम कर रहे हैं।”

चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच और पार स्कोर पर उन्होंने कहा कि यहां कुछ भी तय नहीं होता।

उन्होंने कहा, “यह दिन पर निर्भर करता है। पावरप्ले अच्छा रहा तो स्कोर 240 तक जा सकता है, नहीं तो 180-190 पर भी खत्म हो सकता है।”

ब्रेक के दौरान टीम की तैयारी को लेकर उन्होंने बताया कि टीम ने मैच जैसी परिस्थितियों में अभ्यास किया।

उन्होंने कहा, “पहले दिन हमने रिकवरी की, फिर हाई-इंटेंसिटी प्रैक्टिस गेम खेला। हम मैच जैसी परिस्थितियां बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि मानसिक और रणनीतिक रूप से तैयार रहें।”

टी20 क्रिकेट की अनिश्चितता पर उन्होंने कहा,“यह पूरी तरह दिन पर निर्भर करता है। कोई खिलाड़ी एक दिन शानदार प्रदर्शन करता है, तो अगले दिन कोई और कर सकता है। इसलिए हम हर टीम का समान सम्मान करते हैं।”

डिफेंडिंग चैंपियन टैग पर उन्होंने इसे अप्रासंगिक बताया।

उन्होंने कहा, “हमारे डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट ने कहा है कि हम डिफेंड नहीं कर रहे, बल्कि खिताब के पीछे भाग रहे हैं। यह नया सीजन है और हमें हर मैच नए सिरे से खेलना है।”

इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर जितेश ने इसे सकारात्मक कदम बताया।

उन्होंने कहा, “यह एक अच्छा नियम है। भारतीय खिलाड़ियों को अतिरिक्त मौका मिल रहा है और बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को भी खेलने का अवसर मिल रहा है।”

आरसीबी अब चेन्नई के खिलाफ मुकाबले में इसी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ उतरने के लिए तैयार है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे