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हरमनप्रीत कौर ने सभी प्रारूपों में छोड़ी भारत की कप्तानी, कहा- मैंने अपना कर्तव्य निभाया

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हरमनप्रीत कौर ने सभी प्रारूपों में छोड़ी भारत की कप्तानी, कहा- मैंने अपना कर्तव्य निभाया


नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एकदिवसीय विश्व कप विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी प्रारूपों की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। हरमनप्रीत 2018 से पूर्णकालिक टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान और 2022 से एकदिवसीय कप्तान थीं। टेस्ट क्रिकेट में भी वह भारत की कप्तान थीं। उन्होंने महान खिलाड़ी मिताली राज के बाद टीम की कमान संभाली थी।

हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर अपने भावुक संदेश में लिखा, “आज मैं सभी प्रारूपों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी से हट रही हूं। यह आसान फैसला नहीं है। इसमें वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे। मैंने इस टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया है—अपना खून, अपना पसीना, अपना समय और कई बार अपने खेल तथा निजी महत्वाकांक्षाओं का एक हिस्सा भी। ऐसे मौके आए जब मुझे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, अपने विकास और अपने लिए जो कुछ चाहती थी, उसे पीछे रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम को हमेशा सबसे पहले रखना चाहिए।

उन्होंने आगे लिखा, “कप्तान के तौर पर मुझे कठिन फैसले लेने पड़े। ऐसे फैसले जिन्हें हमेशा समझा नहीं गया, जो हमेशा आसान नहीं थे और कभी-कभी जिनकी व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी। लेकिन मैंने जो भी फैसला लिया, उसका एक ही उद्देश्य था—इस टीम को बेहतर बनाना और दूसरी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और अपना सर्वश्रेष्ठ रूप बनने का अवसर देना।”

हरमनप्रीत ने दक्षिण अफ्रीका को घरेलू मैदान पर हराकर भारत को पहली बार वरिष्ठ महिला आईसीसी विश्व कप खिताब दिलाया और इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। वह भारत की पहली महिला कप्तान बनीं, जिनकी अगुवाई में टीम ने वरिष्ठ स्तर का आईसीसी विश्व कप जीता।

उन्होंने लिखा, “मैंने यह सब देखा है। मैंने सबसे बुरे दौर, दिल टूटने वाले पल, आलोचना, संदेह और ऐसे दिन देखे हैं जब कुछ भी हमारे पक्ष में नहीं जा रहा था। और मैंने सबसे ऊंचे मुकाम भी देखे हैं—जीत, जश्न, अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व और ऐसे पल, जिन्होंने हर त्याग को सार्थक बना दिया।”

हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने रिकॉर्ड चार एशिया कप खिताब जीते। उनकी कप्तानी में भारत ने 2012, 2016, 2022 और 2026 में एशिया कप अपने नाम किया। उन्होंने एशियाई खेलों में भी लगातार दो स्वर्ण पदक दिलाए और भारत ने हांगझोऊ 2022 तथा आइची-नागोया 2026 में शीर्ष स्थान हासिल किया।

कप्तानी छोड़ने के फैसले पर हरमनप्रीत ने कहा, “आज मैं अपने दिल में भावनाओं का सैलाब लेकर कप्तानी छोड़ रही हूं, लेकिन साथ ही मन में शांति भी है। क्योंकि मुझे वास्तव में विश्वास है कि मेरी टीम अच्छी स्थिति में है। यह प्रतिभा, चरित्र, विश्वास और भविष्य वाली टीम है, जिसे लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं और जिसका हिस्सा बने रहना चाहती हूं। मुझे लगता है कि मैंने अपना कर्तव्य निभाया है। मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने इस जिम्मेदारी को गर्व के साथ निभाया और मैं हमेशा भारतीय महिला क्रिकेट की अगुवाई करने का अवसर मिलने के लिए आभारी रहूंगी। अब मेरे लिए पन्ना पलटने का समय है। कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। हर साथी खिलाड़ी, कोच, सहयोगी स्टाफ, प्रबंधन, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, परिवार के सदस्यों और हर उस प्रशंसक का धन्यवाद, जो अच्छे और बुरे दौर में मेरे साथ खड़ा रहा। खून। पसीना। त्याग। गर्व। मैंने अपना सब कुछ दिया। अब मैं फिर से खेल के प्यार के लिए खेलने को तैयार हूं। कप्तानी खत्म। सफर जारी है।”

हरमनप्रीत की कप्तानी की अन्य प्रमुख उपलब्धियों में 1999 के बाद इंग्लैंड की धरती पर भारत को पहली बार द्विपक्षीय महिला एकदिवसीय श्रृंखला जिताना शामिल है। भारत ने 2022 में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी।

उन्होंने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट जीत में भी टीम की अगुवाई की। इसके अलावा 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत को पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला जीत दिलाई।

हरमनप्रीत ने कप्तान के रूप में 150 से अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में टीम की अगुवाई कर पुरुष क्रिकेट के दिग्गज कप्तानों महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा को भी पीछे छोड़ दिया और 150 से अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाली पहली क्रिकेटर बनीं।

उनकी कप्तानी में भारत ने इस साल लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 270 रन से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे