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सिनक्विफील्ड कप: आर्मगेडन में हार के बाद प्रज्ञानानंद दूसरे स्थान पर रहे

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सिनक्विफील्ड कप: आर्मगेडन में हार के बाद प्रज्ञानानंद दूसरे स्थान पर रहे


सेंट लुइस, 20 अगस्त (हि.स.)। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने बुधवार को सिनक्विफील्ड कप में उपविजेता के रूप में अपना अभियान समाप्त किया। खिताब के लिए हुए आर्मगेडन मुकाबले में उन्हें अमेरिका के वेस्ली सो के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

प्रज्ञानानंद ने अंतिम क्लासिकल मुकाबले में नीदरलैंड्स के अनीश गिरी के खिलाफ बाजी ड्रॉ खेली। इसके बाद उन्हें शीर्ष पर चल रहे वेस्ली सो के खिलाफ टाईब्रेकर खेलना पड़ा। सो ने काले मोहरों से ड्रॉ हासिल कर खिताब अपने नाम कर लिया। नियमों के मुताबिक, बराबरी की स्थिति में पहले दो रैपिड बाजियां खेली जाती हैं। अगर इसके बाद भी फैसला नहीं होता है तो आर्मगेडन मुकाबला कराया जाता है, जिसमें सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को पांच मिनट और काले मोहरों वाले खिलाड़ी को चार मिनट दिए जाते हैं।

प्रज्ञानानंद और सो के बीच दोनों रैपिड बाजियां ड्रॉ रहीं, जिससे स्कोर 1-1 हो गया। इसके बाद हुए आर्मगेडन मुकाबले में सो ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और खिताब पर कब्जा जमाया। हालांकि, दूसरे स्थान पर रहने का 21 वर्षीय प्रज्ञानानंद को बड़ा फायदा मिला। उन्होंने ग्रैंड चेस टूर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है, जिसका आयोजन 22 अगस्त से होगा।

ग्रैंड चेस टूर फाइनल में प्रज्ञानानंद के अलावा वेस्ली सो, फैबियानो करूआना और विंसेंट कीमर हिस्सा लेंगे। ये चारों खिलाड़ी ग्रैंड चेस टूर की अंक तालिका में शीर्ष चार स्थानों पर रहे। सिनक्विफील्ड कप में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहने वाले जावोखिर सिंदारोव केवल आधे अंक से क्वालीफाई करने से चूक गए।

इस बीच, कैर्न्स कप में चीन की तान झोंगयी ने अंतिम दौर में आईएम स्तावरोउला त्सोलाकिडोउ के खिलाफ हार के बावजूद खिताब अपने नाम किया। भारत की दिव्या देशमुख संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहीं, जबकि आर. वैशाली ने दसवां स्थान हासिल किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे