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मुख्य कोच की नजर लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर, भारतीय मुक्केबाजों से शुरुआती दौर में अधिक कोटा हासिल करने का लक्ष्य

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मुख्य कोच की नजर लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर, भारतीय मुक्केबाजों से शुरुआती दौर में अधिक कोटा हासिल करने का लक्ष्य


नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय महिला मुक्केबाजी टीम के मुख्य कोच सैंटियागो नीवा ने 2026 एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद अब लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए अधिक से अधिक कोटा जल्द हासिल करने को अपना अगला लक्ष्य बनाया है। एशियाई खेलों में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने तीन पदक जीते, जिसमें दो स्वर्ण शामिल हैं।

ओलंपिक के लिए पहला प्रमुख क्वालीफिकेशन मार्ग 2027 में कजाकिस्तान में होने वाली विश्व चैंपियनशिप से शुरू होगा।

नीवा ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) मीडिया से कहा, “पहला क्वालीफायर कजाकिस्तान में होगा, जो विश्व चैंपियनशिप है, जहां आदर्श रूप से हम अधिक से अधिक कोटा हासिल करना चाहेंगे। इसके बाद एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर होगा और 2028 में दो और ओलंपिक क्वालीफायर होंगे।”

ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने छह पदक जीते थे, जिनमें पांच स्वर्ण शामिल थे। इसके बाद आइची-नागोया एशियाई खेलों में तीन पदकों के प्रदर्शन ने भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए शानदार वर्ष पूरा किया। नीवा का लक्ष्य है कि उनकी अधिक से अधिक खिलाड़ी शुरुआती चरण में ही लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लें, जिससे टीम को ओलंपिक की विशेष तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

नीवा ने कहा, “अगर हम आदर्श रूप से अगले साल शुरुआत में ही क्वालीफाई कर लेते हैं तो हमें अच्छी तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। यह एक कठिन क्वालीफिकेशन मार्ग होगा और उम्मीद है कि हम अधिक से अधिक मुक्केबाजों को क्वालीफाई करा सकेंगे, ताकि हम ओलंपिक के लिए मजबूत टीम तैयार कर सकें।”

नीवा 2017 से 2021 तक भारतीय मुक्केबाजी के उच्च प्रदर्शन निदेशक रहे थे। भारतीय मुक्केबाजी व्यवस्था में उनका दूसरा कार्यकाल 2025 में राष्ट्रीय महिला टीम के मुख्य कोच के रूप में शुरू हुआ। अर्जेंटीना के इस कोच ने इस वर्ष टीम की सफलता का श्रेय पूरे साल चले तैयारी कार्यक्रम को दिया, जिसमें मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं, घरेलू शिविर और उच्च स्तर की अभ्यास मुकाबले शामिल रहे।

भारतीय महिला मुक्केबाजी टीम ने इस वर्ष की बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले पटियाला स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में कड़ी मेहनत की। नीवा ने टीम को मिलने वाली सहयोगी व्यवस्था को अहम बताते हुए कहा कि पटियाला केंद्र में मुक्केबाजों के साथ करीब 40 लोग काम करते हैं, जिनमें लगभग 20 प्रशिक्षक और 20 अन्य सहयोगी स्टाफ शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “हमारे पास मुक्केबाजों के साथ काम करने वाले 40 लोगों का स्टाफ है, जिनमें करीब 20 कोच और 20 अन्य सहयोगी स्टाफ हैं। खेल विज्ञान, मुक्केबाजी हॉल, मुक्केबाजी उपकरण और अन्य क्षेत्रों में सुधार हुए हैं।”

नीवा ने कहा कि यह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजी कार्यक्रमों की बराबरी करती है। उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि ऐसे बहुत ज्यादा देश नहीं हैं, जिनके पास इससे बेहतर सहयोग व्यवस्था है।”

भारत ने जापान जाने से पहले प्रशिक्षण के लिए डोमिनिकन गणराज्य और ईरान की टीमों को पटियाला भी बुलाया था। इसके बाद जापान में अंतिम चरण की तैयारी के दौरान भारतीय मुक्केबाजों को उच्च स्तर के अभ्यास मुकाबले मिले।

नीवा ने कहा, “जापान में हमारी अंतिम तैयारी अच्छी रही, जहां हमें अच्छे अभ्यास मुकाबले भी मिले। हम एशियाई खेलों के लिए बहुत अच्छी तरह तैयार होकर गए थे। हालांकि, हम इस प्रदर्शन पर रुक नहीं सकते। हमें लगातार आगे देखना होगा और अंत में हम सभी अगले ओलंपिक में बड़ी सफलता चाहते हैं।”

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे