एशियन खेल 2026: ज्योति, चिकिता, पृथिका ने रचा इतिहास, भारत ने जीता कंपाउंड तीरंदाजी का स्वर्ण
एशियाई खेल 2026 में भारत का यह सातवां स्वर्ण
आइची-नागोया, 30 सितंबर (हि.स.)। भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने एशियन खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को स्वर्ण पदक जीत लिया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और तनीपर्थी चिकिता की भारतीय टीम ने बुधवार को फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर खिताब अपने नाम किया।
इस जीत के साथ भारत ने महिलाओं की कंपाउंड टीम स्पर्धा में अपना एशियन खेल खिताब बरकरार रखा।
भारतीय टीम ने मुकाबले में शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और अंत तक अपनी बढ़त कायम रखी। भारत ने पहले चरण के बाद 60-58 की बढ़त बनाई, जो दूसरे चरण के बाद 119-116 और तीसरे चरण के बाद 178-175 हो गई। अंतिम चरण में भारतीय तीरंदाजों ने लगातार सटीक निशाने लगाकर चीन को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
फाइनल के आखिरी दौर में चिकिता, पृथिका और ज्योति ने लगातार 10-10 अंक हासिल किए। चीन ने भी अंतिम चरण में तीन 10 लगाए, लेकिन भारतीय टीम की बढ़त इतनी मजबूत थी कि वह स्वर्ण पदक अपने नाम करने में सफल रही।
इस प्रदर्शन के साथ भारतीय टीम ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की। भारत ने उस रिकॉर्ड की बराबरी की, जो दक्षिण कोरिया ने 2014 इंचियोन एशियन खेल में बनाया था।
भारत ने इस स्पर्धा में इससे पहले 2018 में रजत और 2014 में कांस्य पदक जीता था। अब लगातार दूसरी बार स्वर्ण जीतकर भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने एशियन खेल में अपना दबदबा कायम किया है।
ज्योति का अनुभव और उपलब्धियों का सिलसिला
भारतीय टीम की सबसे अनुभवी सदस्य ज्योति सुरेखा वेन्नम लंबे समय से देश की प्रमुख कंपाउंड तीरंदाजों में शामिल हैं। उन्होंने 2011 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। ज्योति ने 2023 एशियन गेम्स में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में दो स्वर्ण पदक जीते थे। इसके अलावा उन्होंने 2023 विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में टीम स्वर्ण और विश्व कप चरणों में 11 स्वर्ण पदक जीते हैं। एशियाई आउटडोर चैंपियनशिप में भी उनके नाम सात स्वर्ण पदक हैं। उनके शानदार करियर को देखते हुए उन्हें 2017 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
चिकिता ने कम उम्र में बनाई पहचान
तनीपर्थी चिकिता ने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। तेलंगाना की इस तीरंदाज ने 2025 विश्व तीरंदाजी युवा चैंपियनशिप में अंडर-21 महिला व्यक्तिगत वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह इस प्रतियोगिता में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
किसान परिवार से आने वाली चिकिता ने अपने पिता की प्रेरणा से दूसरी कक्षा में तीरंदाजी शुरू की थी। वर्ष 2018 में उन्होंने इसे गंभीरता से अपनाया और 2021 में पेशेवर स्तर पर कदम रखा। वह 2025 और 2026 विश्व कप में टीम स्पर्धा के दो रजत पदक सहित एशियन ग्रां प्री में भी कई पदक जीत चुकी हैं।
पृथिका के लिए बड़ी उपलब्धि
पृथिका प्रदीप भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी की उभरती हुई प्रतिभा हैं। उन्होंने पांचवीं कक्षा में शौक के तौर पर तीरंदाजी शुरू की और छठी कक्षा से पेशेवर प्रशिक्षण लेना शुरू किया। 2025 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के बाद वह अब तक सात अंतरराष्ट्रीय पदक—एक स्वर्ण, पांच रजत और एक कांस्य जीत चुकी हैं।
उनकी उपलब्धियों में 2025 विश्व तीरंदाजी युवा चैंपियनशिप के दो रजत, 2025 और 2026 विश्व कप के दो रजत और एक कांस्य तथा 2025 एशियाई आउटडोर चैंपियनशिप का एक स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल हैं। वह पुणे की स्वराज्य आर्चरी अकादमी में प्रशिक्षण लेती हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

