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नई दिल्ली में आईएसएसएफ का इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग टारगेट कोर्स शुरू, एशिया के अधिकारियों को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण

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- भारत समेत चार देशों के 28 अधिकारी ले रहे हिस्सा

नई दिल्ली, 12 अगस्त (हि.स.)। निशानेबाजी में तकनीकी दक्षता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग सिस्टम के विशेषज्ञ तैयार करने के उद्देश्य से नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) का इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग टारगेट (ईएसटी) कोर्स शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) की मेजबानी में आयोजित पांच दिवसीय यह कार्यक्रम 10 से 14 अगस्त तक चलेगा।

नई दिल्ली के क्राउन प्लाजा में आयोजित इस प्रशिक्षण में भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और सऊदी अरब के 28 तकनीकी अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। कोर्स का संचालन क्रोएशिया की जाद्रांका स्ट्रुकिक कर रही हैं। स्लोवेनिया के रॉबर्ट फेरेंक और भारत के धीरज कुमार सिंह बतौर प्रशिक्षक उनका सहयोग कर रहे हैं।

उद्घाटन समारोह में एनआरएआई अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव, महासचिव पवन कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष एम.एस. भांगले और सचिव राजीव भाटिया मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रशिक्षण को आधुनिक निशानेबाजी प्रतियोगिताओं के लिए महत्वपूर्ण बताया।

एनआरएआई अध्यक्ष ने कहा कि आधुनिक निशानेबाजी में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग टारगेट प्रणाली में विशेषज्ञता से प्रतियोगिताओं के संचालन में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सटीकता सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के पास आईएसएसएफ जज लाइसेंस और ईएसटी लाइसेंस धारकों की बड़ी संख्या है।

एनआरएआई सचिव पवन कुमार सिंह के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय आईएसएसएफ प्रतियोगिताओं, विश्व कप और ओलंपिक खेलों में राइफल और पिस्टल जूरी के सदस्य के रूप में काम करने के लिए ईएसटी लाइसेंस जरूरी है। उन्होंने कहा कि घरेलू प्रतियोगिताओं में भी अंतरराष्ट्रीय मानकों को लागू करने से भारतीय अधिकारियों को वैश्विक मंच पर बेहतर अवसर मिलेंगे।

कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को इलेक्ट्रॉनिक टारगेट सिस्टम के संचालन और आईएसएसएफ नियमों के अनुरूप प्रतियोगिताओं में उसके इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन 14 अगस्त को औपचारिक मूल्यांकन के बाद होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय