home page

रणजी मैच : रोहन राजभर के शतक और लोमरोर के 97 रन से राजस्थान ने हिमाचल को दिया 447 रन का बड़ा लक्ष्य

 | 
रणजी मैच : रोहन राजभर के शतक और लोमरोर के 97 रन से राजस्थान ने हिमाचल को दिया 447 रन का बड़ा लक्ष्य


धर्मशाला, 04 नवंबर (हि.स.)। एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी एलीट मुकाबले में राजस्थान ने हिमाचल प्रदेश के सामने 447 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा है। मैच के तीसरे दिन राजस्थान ने अपनी दूसरी पारी आठ विकेट पर 521 रन बनाकर घोषित की। जवाब में हिमाचल प्रदेश ने दिन का खेल समाप्त होने तक दूसरी पारी में चार विकेट के नुकसान पर 83 रन बना लिए हैं। हिमाचल को जीत के लिए अभी 364 रन की जरूरत है और उसके छह विकेट शेष हैं।

राजस्थान की दूसरी पारी में रोहन राजभर ने शानदार 140 रन की पारी खेली। उन्होंने 263 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौके और एक छक्का लगाया। महिपाल लोमरोर शतक से चूक गए और 97 रन पर आउट हो गए। वहीं कार्तिक शर्मा ने 59 गेंदों में 63 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और दो छक्के शामिल रहे। करण लांबा ने भी 26 रन का योगदान दिया। पहली पारी में राजस्थान की टीम हिमाचल के गेंदबाजों के सामने महज 78 रन पर सिमट गई थी।

इससे पहले हिमाचल प्रदेश की पहली पारी 40 ओवर में 153 रन पर समाप्त हुई थी। टीम की ओर से अंकुश बैंस ने 78 गेंदों में 56 और पुखराज मान ने 50 गेंदों में 42 रन बनाए। वैभव कल्टा ने 15 और जितेंद्र राणा ने 10 रन का योगदान दिया। राजस्थान की ओर से साहिल धीवान ने पांच विकेट लेकर हिमाचल की बल्लेबाजी को झटका दिया, जबकि अंकित चौधरी ने तीन और दानिश भांभू ने दो विकेट हासिल किए।

राजस्थान की पहली पारी में हिमाचल के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। अभिषेक कुमार ने 9.3 ओवर में 14 रन देकर पांच विकेट झटके। जितेंद्र राणा ने 22 रन देकर तीन और अर्पित गुलेरिया ने 14 रन देकर एक विकेट हासिल किया। राजस्थान की टीम पहली पारी में 30.3 ओवर में 78 रन पर ढेर हो गई थी।

दूसरी पारी में राजस्थान के बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए हिमाचल के गेंदबाजों को खासा परेशान किया। राजस्थान ने इसके बाद पारी 521 रन पर घोषित कर हिमाचल के सामने बड़ा लक्ष्य रख दिया। अब मुकाबले के अंतिम दिन हिमाचल के बल्लेबाजों के सामने जीत के लिए बड़ा लक्ष्य हासिल करने के साथ विकेट बचाने की चुनौती होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया