डोपिंग में फंसे ईरानी पैरा एथलीट जावनमर्दी, आईपीसी ने लगाया तीन साल का प्रतिबंध
बॉन (जर्मनी), 02 सितंबर (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (आईपीसी) ने ईरान के पैरा एथलीट सैयद अलीअसगर जावनमर्दी पर डोपिंग मामले में तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही नई दिल्ली में आयोजित 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुष शॉट पुट एफ35 स्पर्धा में जीता उनका स्वर्ण पदक भी रद्द कर दिया गया है।
जावनमर्दी के दो मूत्र नमूनों में प्रतिबंधित पदार्थ ऑक्सांड्रोलोन पाया गया था। पहला नमूना 22 सितंबर 2025 को ईरान की राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (ईरान नाडो) ने प्रतियोगिता से बाहर लिया था, जबकि दूसरा नमूना 24 सितंबर को नई दिल्ली में विश्व चैंपियनशिप के दौरान आईपीसी ने लिया था। दोनों नमूनों में मिले परिणामों को एक ही डोपिंग रोधी नियम उल्लंघन (एडीआरवी) माना गया।
ऑक्सांड्रोलोन विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की 2025 प्रतिबंधित सूची में एनाबॉलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड की श्रेणी में शामिल है।
आईपीसी ने 28 अक्टूबर 2025 को मामले का अंतिम फैसला आने तक जावनमर्दी को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। इसके बाद एथलीट ने डोपिंग नियमों के उल्लंघन और आईपीसी द्वारा प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया।
उनका तीन साल का प्रतिबंध 28 अक्टूबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा और 27 अक्टूबर 2028 तक चलेगा। इस दौरान वह प्रतियोगिताओं और अन्य खेल गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे, हालांकि अधिकृत डोपिंग रोधी शिक्षा या पुनर्वास कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति होगी।
आईपीसी ने 22 सितंबर 2025 को लिए गए पहले नमूने की तारीख से लेकर अस्थायी निलंबन शुरू होने तक जावनमर्दी के सभी परिणामों को अयोग्य घोषित कर दिया है। इसके तहत नई दिल्ली विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप का उनका प्रदर्शन भी रद्द कर दिया गया और एफ35 शॉट पुट का स्वर्ण पदक वापस ले लिया गया।
जावनमर्दी ने पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में कांस्य पदक जीता था। आईपीसी ने दोहराया कि विश्व डोपिंग रोधी संहिता के तहत एथलीट अपने नमूनों में पाए जाने वाले प्रतिबंधित पदार्थों के लिए सख्त रूप से जिम्मेदार होते हैं।
समिति ने कहा कि वह दिव्यांग खिलाड़ियों के खेल में भी डोपिंग मुक्त माहौल सुनिश्चित करने और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के लिए अपनी प्रतिबद्धता कायम रखेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

