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भारतीय सब-जूनियर पुरूष एवं महिला टीमों के प्रदर्शन को कोच सरदार सिंह और रानी रामपाल ने सराहा

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भारतीय सब-जूनियर पुरूष एवं महिला टीमों के प्रदर्शन को कोच सरदार सिंह और रानी रामपाल ने सराहा


नई दिल्ली, 26 जुलाई (हि.स.)। कोच सरदार सिंह और रानी रामपाल ने पहली यूथ हॉकी 5एस एशियन चैंपियनशिप-2026 में भारतीय सब-जूनियर पुरुष और महिला टीमों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए युवा खिलाड़ियों के जज्बे, अनुशासन और निडर खेल की प्रशंसा की। पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक और महिला टीम ने रजत पदक जीतने के साथ ही पहली एफआईएच यूथ हॉकी 5एस विश्व कप के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।

सरदार सिंह की कोचिंग वाली भारतीय सब-जूनियर पुरुष टीम का सफर टूर्नामेंट में शानदार रहा और उन्होंने खिताब जीतने के रास्ते में अपने सभी सात मैच जीते। भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ (7-3) बड़ी जीत के साथ शुरुआत की और फिर मेजबान ओमान के खिलाफ (14-0) भी दबदबे वाली जीत हासिल की। इसके बाद पाकिस्तान को दो बार (7-4 और 7-3 से) हराया और फिर रोमांचक फाइनल में अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी को 3-1 से हराकर पहली बार आयोजित हुई चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम की।

पुरुष टीम की जीत पर कोच सरदार सिंह ने एक बयान में कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान हर खिलाड़ी ने जो जज्बा और प्रतिबद्धता दिखाई है, उस पर मुझे बहुत गर्व है। पाकिस्तान के खिलाफ तीन जीत समेत अपने सभी मैच जीतना, लड़कों की पिछले कुछ महीनों की कड़ी मेहनत को दिखाता है। यह स्वर्ण पदक और विश्व कप के लिए क्वालिफिकेशन उनकी मेहनत का सही नतीजा है और इससे इन युवाओं को भविष्य के लिए बहुत आत्मविश्वास मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा कि मैं हॉकी इंडिया का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने हमारे युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के हर मौके देकर उनके विकास में लगातार निवेश और सहयोग किया है।

कोच रानी की देखरेख में भारतीय सब-जूनियर महिला टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का स्थान हासिल किया। टीम ने कजाकिस्तान (8-3 और 10-0) और उज्बेकिस्तान (16-0 और 10-0) के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। पूल स्टेज में चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद उन्हें 3-6 से हार का सामना करना पड़ा। भारत ने सेमीफाइनल में जोरदार वापसी करते हुए कजाकिस्तान को 8-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जहां उन्हें चीन से 2-4 से हार मिली और रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

महिलाओं के रजत पदक जीतने वाले अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए कोच रानी ने कहा कि लड़कियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान जबरदस्त दृढ़ संकल्प और हिम्मत दिखाई। पहली बार आयोजित इस चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना और यूथ हॉकी5एस विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना इस युवा टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, हम स्वर्ण पदक के साथ लौटना ज्यादा पसंद करते, लेकिन यह अनुभव खिलाड़ियों को आगे बढ़ने एवं और भी मजबूत होकर वापसी करने के लिए प्रेरित करेगा। वे इस अभियान से सीखेंगे, उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और भविष्य के टूर्नामेंटों में ऐसे पलों को संभालने के लिए वे बेहतर ढंग से तैयार होंगी।

उन्होंने कहा कि मैं युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए अटूट समर्थन देने और टीम की बेहतरीन तैयारी सुनिश्चित करने के लिए हॉकी इंडिया को धन्यवाद देना चाहती हूं। मैं भोपाल में मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में हमारे राष्ट्रीय कोचिंग कैंप की मेजबानी करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार का भी दिल से आभार व्यक्त करती हूं।

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हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह