कोलंबो टेस्ट: पडिक्कल के शतक से भारत मजबूत, पहले दिन 5 विकेट पर बनाए 300 रन
कोलंबो, 23 अगस्त (हि.स.)। भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन का खेल समाप्त हो गया है। रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 85 ओवर में पांच विकेट पर 300 रन बना लिए हैं। भारत के लिए देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतकीय पारी खेलते हुए 117 रन बनाए। विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल सात और सारांश जैन चार रन बनाकर नाबाद लौटे।
भारतीय टीम ने पहली पारी की शुरुआत संभलकर की। शुरुआती एक घंटे में टीम ने बिना विकेट गंवाए 30 से अधिक रन जोड़े। हालांकि, 37 रन के स्कोर पर भारत को पहला झटका लगा। केएल राहुल 33 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से 18 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद 66 रन के स्कोर पर भारतीय टीम का दूसरा विकेट गिरा। यशस्वी जायसवाल 53 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 45 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
देवदत्त पडिक्कल ने कप्तान शुभमन गिल के साथ पारी को संभाला। शानदार फार्म में चल रहे पडिक्कल ने पहले अपना अर्धशतक पूरा किया। फिर बाद में कप्तान गिल ने भी पचासा जड़ दिया, लेकिन 186 रन के स्कोर पर गिल 108 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 50 रन बनाकर आउट हुए। गिल ने पडिक्कल के साथ तीसरे विकेट के लिए 120 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
इसके बाद 207 रन के स्कोर पर ऋषभ पंत को श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की गेंद कलाई पर लग गई। चोट के बाद पंत काफी दर्द में नजर आए और तीन रन के निजी स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए। उनके जाने के बाद रवींद्र जडेजा बल्लेबाजी के लिए आए। जडेजा ने पडिक्कल के साथ मिलकर भारतीय पारी को आगे बढ़ाया। इस दौरान पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ लगातार दूसरे टेस्ट में शतक जड़ दिया। यह उनके टेस्ट करियर का भी दूसरा शतक है। उन्होंने 168 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। गाले में खेले गए पहले टेस्ट की पहली पारी में भी पडिक्कल ने शानदार 167 रन बनाए थे।
हालांकि, पडिक्कल शतक के बाद अपनी पारी को और बड़ी नहीं कर पाए। वह 193 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौकों की मदद से 117 रन की शानदार पारी खेलकर आउट हुए। इसके बाद रवींद्र जडेजा भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। वह 83 गेंदों पर 43 रन बनाकर आउट हुए। दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने पांच विकेट पर 300 रन बना लिए थे।
श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने तीन विकेट हासिल किए, जबकि लाहिरू कुमारा और केशरा नुवान्था को एक-एक सफलता मिली।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह

