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डीडीसीए के ओपन बॉलिंग ट्रायल में 3,500 से अधिक खिलाड़ियों का पंजीकरण, विजय दहिया की निगरानी में चयन प्रक्रिया

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डीडीसीए के ओपन बॉलिंग ट्रायल में 3,500 से अधिक खिलाड़ियों का पंजीकरण, विजय दहिया की निगरानी में चयन प्रक्रिया


नई दिल्ली, 27 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने विभिन्न आयु वर्गों और कौशल श्रेणियों में चरणबद्ध ओपन बॉलिंग ट्रायल आयोजित किए, जिनमें 3,500 से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया। इस पहल को जबरदस्त प्रतिसाद मिला है।

ट्रायल आयु वर्ग के आधार पर व्यवस्थित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के लिए अलग-अलग मूल्यांकन सत्र रखे गए हैं, ताकि पारदर्शिता, निष्पक्षता और केंद्रित आकलन सुनिश्चित किया जा सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभाशाली गेंदबाजों की पहचान और मार्गदर्शन करना है, जिन्हें डीडीसीए लीग मैचों में पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रखा गया। आर्थिक बाधाओं को दूर कर डीडीसीए ने हर पृष्ठभूमि के खिलाड़ियों को समान अवसर देने का प्रयास किया।

प्रारंभिक चरण के बाद चयनित खिलाड़ियों को अगले दौर के लिए बुलाया जाएगा। ये खिलाड़ी एक संरचित विकास शिविर का हिस्सा बनेंगे, जहां उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन, प्रदर्शन मूल्यांकन और दीर्घकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली ने कहा, “दिल्ली ने इतिहास में कई बेहतरीन गेंदबाज दिए हैं, जिन्होंने राज्य और देश का नाम रोशन किया है। ईशांत शर्मा और आशीष नेहरा जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है। यह पहल ऐसे ही अगले मैच विजेताओं को खोजने की दिशा में एक कदम है।”

उन्होंने कहा, “दिल्ली में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन कई खिलाड़ियों को सही समय पर उचित मंच नहीं मिल पाता। इस पारदर्शी और चरणबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से हम प्रतिभा की पहचान का दायरा बढ़ाना चाहते हैं और दीर्घकालिक विकास की स्पष्ट राह बनाना चाहते हैं।”

डीडीसीए की उपाध्यक्ष शिखा कुमार ने कहा, “युवा गेंदबाजों के लिए अवसर सिर्फ चयन तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह विश्वास और दिशा देने का माध्यम भी है। हमारा उद्देश्य ऐसा वातावरण बनाना है, जहां गंभीर खिलाड़ी खुद को निखार सकें और भविष्य देख सकें।”

डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा ने कहा, “3,500 से अधिक पंजीकरण यह दर्शाते हैं कि दिल्ली के युवा गेंदबाजों में कितनी लगन है। निःशुल्क और सभी आयु वर्गों के लिए खुले ट्रायल का उद्देश्य यही था कि अवसर किसी परिस्थिति से सीमित न हो। हम गेंदबाजी विभाग में गहराई और मजबूत पाइपलाइन तैयार करना चाहते हैं।”

यह शिविर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और दिल्ली के पूर्व कप्तान विजय दहिया के नेतृत्व में संचालित हो रहा है। उनके साथ अनुभवी कोच और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संजेव शर्मा, गुरशरण सिंह, परविंदर अवाना तथा घरेलू क्रिकेटर सुमीत डोगरा और बंटू सिंह भी शामिल हैं।

विजय दहिया ने कहा, “ऑफ-सीजन की शुरुआत में यह एक बेहतरीन अवसर है। इससे हमें गेंदबाजों की पहचान कर उनके समग्र विकास पर काम करने का समय मिलेगा। मजबूत टीम बनाने के लिए हर स्तर पर मजबूत गेंदबाजी समूह जरूरी है, और यही हमारा लक्ष्य है।”

अगले चरण के तहत डीडीसीए ने दिल्ली के प्रमुख क्रिकेट क्लबों को भी अपने-अपने स्तर पर आंतरिक चयन कर शीर्ष पांच गेंदबाजों को नामित करने का आमंत्रण दिया है। क्लबों से चुने गए खिलाड़ियों को ओपन ट्रायल से चयनित खिलाड़ियों के साथ मिलाकर एक संयुक्त उच्च-प्रतिभा समूह बनाया जाएगा।

इस समूह को आगे विशेष कौशल सत्रों और मूल्यांकन से गुजरना होगा, जिसमें गति विकास, नियंत्रण, विविधताएं, फिटनेस और मैच मानसिकता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। युवा आयु वर्ग में मजबूत बुनियाद पर जोर रहेगा, जबकि वरिष्ठ वर्ग में कार्यभार क्षमता और सामरिक समायोजन पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज, रहस्यमयी स्पिन और अन्य विशेष कौशल पर भी नजर रखी जाएगी।

डीडीसीए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मंचों पर अवसर दिलाने की दिशा में भी काम करेगा, जिसमें दिल्ली प्रीमियर लीग जैसे टी20 टूर्नामेंट शामिल हैं। जमीनी स्तर की प्रतिभा पहचान को लीग अवसरों से जोड़कर डीडीसीए उभरते गेंदबाजों को शुरुआती दौर में अधिक मैच अनुभव दिलाने और उनके विकास की गति तेज करने का प्रयास कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे