सरकार की योजना से आत्मनिर्भर बने सुलतानपुर के नीरज दुबे
अमेठी, 22 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान आज हजारों युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। जनपद अमेठी के निवासी नीरज दुबे की कहानी भी इसी परिवर्तन की एक सशक्त मिसाल है।
जनपद अमेठी के बालीपुर, सवनगी निवासी नीरज दुबे पहले रोजगार के स्थायी साधन की तलाश में थे। सीमित संसाधनों और अवसरों के कारण वे आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे थे। ऐसे समय में विभाग द्वारा आयोजित एक जागरूकता शिविर में उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। यह जानकारी उनके जीवन में एक नई आशा लेकर आई। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना और उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। नीरज दुबे ने इस अवसर को पहचानते हुए स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने दोना-पत्तल निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना बनाई, जो कम लागत में शुरू होकर स्थायी आय का स्रोत बन सकती थी।
नीरज दूबे ने योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये के ऋण हेतु आवेदन किया। स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें समय पर ऋण मिला। इस वित्तीय सहायता से उन्होंने आधुनिक उपकरण और आवश्यक कच्चे माल की खरीदारी की। जल्द ही उनकी दोना-पत्तल निर्माण इकाई स्थापित हो गई। उत्पादन कार्य प्रारंभ हो गया।
शुरुआती दिनों में उन्हें बाजार में पहचान बनाने में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बिक्री अपेक्षाकृत कम थी, जिससे वे थोड़े चिंतित हुए। उन्होंने हार नहीं मानी। प्रशासन द्वारा दिए गए सुझावों और स्वयं के प्रयासों से उन्होंने अपने उत्पाद का प्रचार-प्रसार शुरू किया।
नीरज दुबे ने बताया कि उन्होंने स्थानीय बाजारों, दुकानों और आयोजनों में अपने उत्पाद की पहुंच बढ़ाई। उन्होंने गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया, जिससे ग्राहकों का विश्वास धीरे-धीरे बढ़ने लगा। परिणामस्वरूप, उनकी बिक्री में लगातार वृद्धि होने लगी। वर्तमान में उनकी इकाई सुचारू रूप से संचालित हो रही है और उत्पादन क्षमता भी बढ़ चुकी है। हर महीने उनकी आय में वृद्धि हो रही है। उनका आर्थिक स्तर बेहतर हुआ है। अब वह अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानजनक तरीके से कर पा रहे हैं। नीरज दुबे की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने उद्यम के माध्यम से तीन अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान किया है। इस प्रकार, वे न केवल आत्मनिर्भर बने हैं बल्कि दूसरों को भी आत्मनिर्भर बनने का अवसर दे रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी

