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छोटे रेस्टोरेंट ने बदली जिंदगी, रश्मि बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

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छोटे रेस्टोरेंट ने बदली जिंदगी, रश्मि बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल


गोपेश्वर, 06 अगस्त (हि.स.)। जो सपना कभी दूर लगता था, वह आज अणीमठ की रश्मि देवी की पहचान बन चुका है। रीप परियोजना के सहयोग से शुरू किया गया उनका छोटा-सा रेस्टोरेंट आज उन्हें हर महीने 25 से 30 हजार रुपये की आय दे रहा है। उनकी सफलता गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता की प्रेरणा बन रही है।

चमोली जनपद के अणीमठ गांव की निवासी रश्मि देवी ने सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। राज्य सरकार की रीप परियोजना से मिले प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग ने उनके जीवन को नई दिशा दी। रीप परियोजना के माध्यम से सहायता मिलने के बाद रश्मि देवी ने अपने गांव में एक छोटा-सा रेस्टोरेंट शुरू किया। शुरुआती दौर में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन मेहनत, बेहतर गुणवत्ता और ग्राहकों के प्रति समर्पण ने धीरे-धीरे उनके व्यवसाय को नई पहचान दिलाई ।

मौजूदा समय में उनका रेस्टोरेंट स्थानीय लोगों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की भी पसंद बन चुका है। इस व्यवसाय से रश्मि देवी प्रतिमाह लगभग 25 से 30 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और बच्चों की शिक्षा समेत घरेलू जरूरतों को पूरा करने में भी सहूलियत मिली है।

रश्मि देवी का कहना है कि यदि उन्हें रीप परियोजना का सहयोग नहीं मिला होता, तो अपना व्यवसाय शुरू करना संभव नहीं हो पाता। अब वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिले तथा वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल