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सूरजपुर : स्व-सहायता समूह से जुड़कर सुशीला सिंह ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

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सूरजपुर : स्व-सहायता समूह से जुड़कर सुशीला सिंह ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी


सूरजपुर, 22 जून (हि.स.)। शासन की महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिख रही हैं। सोमवार को सामने आई सफलता की एक प्रेरक कहानी में ग्राम छतरंग की सुशीला सिंह ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने और अपने परिवार की स्थिति बेहतर बनाने की मिसाल पेश की है।

सुशीला सिंह बताती हैं कि कुछ वर्ष पहले तक उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। परिवार के भरण-पोषण के लिए वे कृषि मजदूरी करती थीं और अधिकांश घरेलू खर्च की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी। सीमित आय के कारण परिवार की जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। इसी दौरान उन्हें गांव की सक्रिय महिलाओं से स्व-सहायता समूह की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने शिवा स्व-सहायता समूह की सदस्यता ग्रहण की।

समूह से जुड़ने के करीब छह माह बाद उन्हें कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) के तहत ऋण मिला। प्राप्त राशि में से 5 हजार रुपये का उपयोग कर उन्होंने बीसी सखी के रूप में कार्य शुरू किया। धीरे-धीरे आय बढ़ने लगी तो उन्होंने लैपटॉप खरीदकर फोटोकॉपी और डिजिटल सेवा केंद्र का संचालन शुरू किया। बाद में कम्प्यूटर, पासबुक प्रिंटर सहित अन्य उपकरणों की मदद से ऑनलाइन सेवाएं भी उपलब्ध करानी शुरू कर दीं।

व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने समूह से 50 हजार रुपये का अतिरिक्त ऋण लिया। वर्तमान में उनके व्यवसाय में लगभग 1.50 लाख रुपये का निवेश है, जबकि अब तक उन्हें करीब 2.70 लाख रुपये का लाभ प्राप्त हो चुका है। उनकी वार्षिक आय लगभग 1.40 लाख रुपये है और मासिक आय 15 से 18 हजार रुपये तक पहुंच गई है।

सुशीला सिंह बताती हैं कि बढ़ी हुई आय से अब वे अपनी बेटी को अच्छे विद्यालय में शिक्षा दिला रही हैं और परिवार की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर पा रही हैं। साथ ही वे नियमित रूप से ऋण का भुगतान भी कर रही हैं। उनके अनुसार, स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक बदलाव आया है।

सुशीला सिंह ने शासन की महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका योजनाओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इन पहलों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया। उनकी सफलता आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है और यह साबित करती है कि सही अवसर, मार्गदर्शन और संकल्प के बल पर महिलाएं अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय