घरेलू सहायिका से मंत्री बनने तक: कलिता माझी ने तय किया संघर्ष से सफलता का सफर
कोलकाता, 01 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने संघर्ष, मेहनत और सामाजिक बदलाव की मिसाल पेश की। पूर्वी बर्दवान जिले के आउसग्राम से विधायक कलिता माझी ने प्रदेश की भाजपा सरकार में राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। कभी घर-घर जाकर घरेलू सहायिका का काम करने वाली कलिता आज राज्य सरकार में मंत्री बन गई हैं।
गुसकरा निवासी कलिता माझी का जीवन लंबे संघर्षों से भरा रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। उनके पति पेशे से मशीन मरम्मत का काम करते हैं। परिवार की आय बढ़ाने और घर चलाने के लिए कलिता को कई घरों में घरेलू सहायिका के रूप में काम करना पड़ा। एकमात्र पुत्र की परवरिश और शिक्षा के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की। इस वर्ष उनके पुत्र पार्थ ने उच्च माध्यमिक परीक्षा दी है।
समाज के गरीब और वंचित लोगों के लिए काम करने की इच्छा ने उन्हें राजनीति की ओर आकर्षित किया। लगभग सात वर्ष पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पहली बार उन्हें आउसग्राम से उम्मीदवार बनाया था। उस चुनाव में उनका मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के अभेदानंद थांडर से हुआ और वह 11,815 मतों से पराजित हो गई थीं।
हालांकि हार के बाद भी उन्होंने क्षेत्र में जनसंपर्क और संगठनात्मक काम जारी रखा। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और आउसग्राम से उम्मीदवार बनाया। लगातार लोगों के बीच रहने और जमीनी स्तर पर काम करने का लाभ उन्हें मिला तथा वह चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं।
सोमवार को लोक भवन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान शपथ लेने वाले 35 नए विधायकों में कलिता माझी भी शामिल रहीं। उन्हें राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य मंत्री पद की शपथ लेने के बाद कलिता ने कहा कि वह एक गरीब परिवार की बहू हैं और गरीब लोगों की परेशानियों को अच्छी तरह समझती हैं। उनके अनुसार विधायक और मंत्री बनने के बाद भी वह स्वयं को सामान्य व्यक्ति के रूप में ही रखना चाहती हैं तथा आउसग्राम के लोगों के लिए काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
कलिता की सफलता से गुसकरा के लोग भी उत्साहित हैं। जिन परिवारों में वह कभी घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थीं, वहां भी खुशी का माहौल है। एक परिवार के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 2011 से कलिता उनके घर में काम करती थीं और परिवार के सदस्य की तरह ही रहती थीं। परिवार के सदस्य प्लाटिलाल पात्र ने कहा कि कलिता हमेशा अपनेपन से जुड़ी रहीं और आज उनके मंत्री बनने पर पूरे क्षेत्र को गर्व है।
आउसग्राम विधानसभा क्षेत्र के इतिहास में पहली बार किसी विधायक को राज्य मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। कलिता माझी की यह यात्रा संघर्ष, परिश्रम और जनसंपर्क की ताकत का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

