मप्र के देवास की मोरूखेड़ी पंचायत बनी जल संरक्षण की मिसाल, 13 लाख लीटर वर्षा जल संचयन के लिए हुई पहल
- मोरूखेड़ी में कंटूर ट्रेंच और चेक डेम से बढ़ेगा भूजल स्तर
भोपाल, 12 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के देवास जिले की ग्राम पंचायत मोरूखेड़ी में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत बड़े पैमाने पर जल संरक्षण कार्य किया जा रहा है। इन प्रयासों से वर्षा जल संचयन बढ़ने के साथ भू-जल स्तर में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को पेयजल व सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
जनसंपर्क अधिकारी आर.आर. पटेल ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि देवास जिले में संचालित ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत देवास की ग्राम पंचायत मोरूखेड़ी ने जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय पहल करते हुए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्राम पंचायत मोरूखेड़ी में जनभागीदारी से पंचायत क्षेत्र की पहाड़ी पर कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य किया गया है। लगभग एक हेक्टेयर क्षेत्र में किए जा रहे इस कार्य के तहत कुल 350 कंटूर ट्रेंच बनाई गई हैं। इन ट्रेंचों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 13 लाख लीटर वर्षा जल का संचयन किया जा सकेगा।
इसके अलावा ग्राम पंचायत में 03 पेरकोलेशन टैंक, 02 डगवेल, 05 रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं, 01 बोरिंग रिचार्ज एवं 02 चेक डेम का निर्माण भी किया गया है। इन संरचनाओं से लगभग 07 लाख लीटर जल का अतिरिक्त संचयन होगा। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत निर्मित की जा रही इन संरचनाओं से वर्षा जल रुकने के साथ ही भू-जल स्तर में वृद्धि होगी। इससे क्षेत्र के आसपास के कुएं एवं बोरिंग पुनर्जीवित होंगे तथा ग्रामीणों को भविष्य में पेयजल और सिंचाई की समस्या से स्थायी राहत मिलने की संभावना है। ग्राम पंचायत मोरूखेड़ी की यह पहल जल संरक्षण एवं जनसहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

