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श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग में 30 से सावन शुरू, पड़ेंगे चार सोमवारी व्रत

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श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग में 30 से सावन शुरू, पड़ेंगे चार सोमवारी व्रत


चतरा, 29 जुलाई (हि.स.)। भगवान भोलेनाथ का प्रिय और पवित्र माह सावन गुरुवार को शुरू हो रहा है। हिंदू धर्म में सावन का विशेष महत्व है। भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का पावन महीना सावन इस बार पूरे 30 दिनों का होगा।

इस संबंध में आचार्य चेतन पाण्डेय ने बताया कि इस बार सावन महीने की शुरूआत आयुष्मान नाम के योग और श्रवण नाम के नक्षत्र में हो रहा है। सावन महीने के प्रारंभ के समय शिव का वास धरती पर होगा। हालांकि मान्यता है कि पूरे सावन महीने भगवान भोलेनाथ धरती पर ही भक्तों के साथ निवास करते हैं। सावन महीने में इस बार चार सोमवार व्रत होंगे, जबकि दो प्रदोष व्रत का योग बनेगा, जिसमें एक सोमवती प्रदोष व्रत का योग बन रहा है। यह योग शिव भक्तों के लिए विशेष लाभप्रद होगा।

हालांकि कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी तिथि का क्षय हो रहा है। जबकि शुक्ल पक्ष में द्वादशी तिथि 02 दिन रहेंगे। ऐसे में सावन का पूरा महीना 30 दिनों का होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में शिव जी की आराधना करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। सावन महीने में पड़ने वाले हर सोमवार का खास महत्व है। 03 अगस्त को सावन का पहला सोमवार है। इस दिन कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि रहेगा। प्रथम सोमवार पर इस बार ग्रह नक्षत्रों के कई शुभ योग बन रहे हैं।

इस बार प्रथम सोमवार पर सुकर्मा नाम का योग लग रहा है। यह योग सदा मंगलदायक होता है। इतना ही नहीं यह योग भाग्य को बढ़ाने वाला होता है। इस योग में किए गए कार्य में सफलता सुनिश्चित होती है। आचार्य ने बताया कि सावन की सोमवारी को पूरी विधि विधान के साथ भगवान शिव और माता गौरी की पूजा करने से मनचाहा जीवनसाथी का भी आशीर्वाद मिलता है। इस बार सावन में कई विशेष शुभ योग बन रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में किए गए सोमवार के व्रत का फल बहुत जल्दी मिलता है। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर को दूध बेहद प्रिय है। इसलिए भगवान शंकर के पूजा में दूध का प्रयोग करना शुभ फलदाई माना जाता है।

आचार्य चेतन पाण्डेय ने कहा कि सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाया जाता है। इस दिन नागराज की विधिवत पूजा-अर्चना कर उन्हें धान का लावा और दूध का भोग लगता है। इस बार नाग पंचमी 17 अगस्त को है। इस दिन सोमवार का विशेष योग बन रहा है। सावन महीने का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन की पुनीत त्यौहार के साथ होगा।

प्रथम सोमवार 3 अगस्त : इस दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। इस दिन दूध से प्रातःकाल शिवजी का अभिषेक करें। सायकाल शिव पार्वती का पूजन करें।

दूसरा सोमवार 10 अगस्त: इस दिन आर्द्रा नक्षत्र भोग करेगा। इस दिन अनार के रस से शिवजी का अभिषेक करें।

तृतीय सोमवार 17 अगस्त: इस दिन हस्त नक्षत्र पड़ रहा है। इस दिन नाग पंचमी भी है। इस दिन शिवजी का दूध से अभिषेक कर चंदन का लेप करें और शेष चंदन माथे पर लगाएं।

चतुर्थ सोमवार 24 अगस्त: इस दिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। इस दिन दूध में शहद मिलाकर और अभिषेक करें और बेल का फल भोग लगाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेन्द्र तिवारी