मलमास मेला मे जीविका दीदियों ने दस दिन में 4 लाख का किया कारोबार
नालंदा, 26 मई (हि.स.)।
राजगीर की ऐतिहासिक धरती पर दसकों से आयोजित होनेवाले “मलमास मेला” का शुभारंभ बीते 17 मई को हुआ जिसका विधिवत उद्घाटन राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कर कमलों द्वारा हुआ। इस मेले मे जीविका से जुड़ी 25 ग्रामीण महिलायें अपना हुनर दिखा रही हैं और मेल घूमने आए आगंतुकों को बेहद कम कीमत पर घर के जैसा शुद्ध और पौष्टिक भोजन मुहैया करवा रही हैं।
ग्रामीण इलाकों मे निवास करनेवाली ये दीदियां जीविका से जुड़ कर किसी न किसी तरह के जीविकोपार्जन गतिविधियों की बदौलत अपनी आजीविका संवर्धन का कार्य करती आ रही हैं और इसी क्रम मे इस बार “मलमास मेला” मे जिला प्रशासन नालंदा की ओर से कुल 25 स्टॉल प्रदान किया गया है।
इन स्टॉल मे नालंदा जिले के विभिन्न प्रखंडों से जीविका दीदियों ने शुद्ध और पौष्टिक खाने की दुकान लगाई है जहां मात्र 35 रुपयों मे 5 रोटी एक कटोरी सब्जी और दाल–चावल सब्जी और आचार उपलब्ध करवाया जा रहा है।
मेले के हर कोने मे जीविका दीदियों की रसोई का प्रबंध किया गया है जो आगंतुकों के आकर्षण का एक केंद्र बना हुआ है।
इन स्टॉल पे आनेवाले आगंतुकों की मानें तो इस मंहगाई के जमाने मे इतने कम दरों पर घर की तरह का स्वच्छ भोजन मिलना बहुत सुख दायक है।मेले मे लगे खाने के इन स्टॉल से न सिर्फ स्टॉल चलानेवाली दीदियां लाभान्वित हो रही हैं बल्कि उनके स्टॉल पे मिल रहे भोजन के लिए कच्चा माल भी जीविका दीदियां ही उपलब्ध करवा रही हैं । जैसे सभी स्टॉल पर आटा गिरियक की पूजा दीदी के आटा चक्की से उपलब्ध करवाया जा रहा है तो मसाले सिलाव की मंजुला दीदी के मसाला उत्पादन केंद्र से भेजी जा रहा है।
इसी क्रम मे भोजन परोसने के लिए जरूरी पत्तल एवं दोना सिलाव की किरण देवी की ओर से उपलब्ध करवाया जा रहा है। इन सभी स्टॉल पर उपस्थित जीविका दीदियों को राजगीर की इंदु दीदी उपलब्ध करवा रही हैं।
अब तक जीविका दीदियों द्वारा संचालित इन भोजन के स्टाल्स से लगभग 4 लाख रुपयों का कारोबार हो चुका है और मेला की समाप्ति तक एक अच्छी खासी आमदनी इस मलमास मेला मे जीविका दीदियों के सर्वांगीण विकास का उदाहरण देखने को मिला रहा है जो परियोजना के सभी आयामों का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे

