'कैच द रेन' अभियान से देश में जल संरक्षण को मिली नई गति : केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल
नई दिल्ली/सूरत, 26 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'मन की बात' कार्यक्रम में दिए गए 'कैच द रेन' अभियान के संदेश से देशभर में जल संरक्षण को नई दिशा और गति मिली है। इस अभियान के तहत जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं।
सी.आर. पाटिल ने बताया कि 06 सितंबर 2024 को सूरत से आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए सहयोग का आह्वान किया गया था। इस पहल के परिणामस्वरूप 31 मई 2026 तक जनसहयोग, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) और मनरेगा के माध्यम से देशभर में 1.55 करोड़ से अधिक वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर तैयार किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि तालाबों, बड़े जलाशयों, नहरों, बोरवेल और कुओं के पुनर्भरण (रिचार्ज) के लिए 20 अलग-अलग डिजाइनों के वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए 02 करोड़ नए वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार जल संरक्षण को लेकर चिंता व्यक्त करते रहे हैं और 'कैच द रेन' तथा वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को जनआंदोलन बनाने पर बल दे रहे हैं।
सी.आर. पाटिल ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 370 बीसीएम (बिलियन क्यूबिक मीटर) भूजल का दोहन किया जाता है, जो चीन और अमेरिका की तुलना में भी अधिक है। ऐसे समय में, जब भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, प्रधानमंत्री का 'कैच द रेन' अभियान अत्यंत प्रभावी और समय की आवश्यकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि घरों की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को व्यर्थ बहने देने के बजाय उसे जमीन में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। बहुत कम लागत में लाखों-करोड़ों लीटर पानी का भूजल पुनर्भरण किया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल की प्रत्येक बूंद बचाने और जल संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

