बिहार के जिला अस्पतालों में सर्जरी सेवाओं ने पकड़ी रफ्तार, अगस्त में 8,209 मरीजों की हुई सर्जरी
पटना, 04 सितम्बर (हि.स.)।
बिहार के जिला अस्पतालों में सर्जरी की सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। अब मरीजों को अपने ही जिले में पहले की तुलना में अधिक संख्या में सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। इस साल जून से अगस्त के बीच जिला अस्पतालों में सर्जरी की संख्या में लगातार बढ़ोतरी इसका स्पष्ट संकेत है। जिला अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं को अधिक प्रभावी और नियमित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं समीक्षा की जा रही है।
राज्य के जिला अस्पतालों में जून, 2026 में कुल 2,428 सर्जरी हुई थी। जुलाई में यह संख्या बढ़कर 5,650 और अगस्त में 8,209 हो गई। यानी अगस्त में जुलाई महीने की तुलना में 2,559 अधिक सर्जरी की गईं, जो जुलाई की तुलना में 45.3 प्रतिशत की वृद्धि है। तीन महीनों के दौरान सर्जरी की संख्या में यह निरंतर वृद्धि जिला अस्पतालों में उपलब्ध सर्जिकल सेवाओं के बेहतर उपयोग और संचालन को दर्शाती है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने, सर्जिकल सेवाओं को नियमित रूप से संचालित करने और विशेषज्ञ विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसका असर अस्पतालों में होने वाली सर्जरी की बढ़ती संख्या के रूप में सामने आ रहा है। विभाग का प्रयास है कि जिला अस्पतालों में उपलब्ध ऑपरेशन थिएटर, आवश्यक उपकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो तथा मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक उपचार मिल सके।
वैशाली, पटना, अररिया और मधेपुरा ने किया बेहतर प्रदर्शन
अगस्त महीने में सर्जरी के मामले में वैशाली जिला अस्पताल सबसे आगे रहा। यहां एक महीने में 651 सर्जरी की गईं। वहीं पटना में 587, अररिया में 529, मधेपुरा में 494 और भोजपुर में 362 सर्जरी हुईं। इन जिलों में सर्जिकल सेवाओं का बेहतर संचालन जिला अस्पतालों में उपलब्ध सेवाओं के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है।
इन आंकड़ों से यह भी सामने आता है कि जिला स्तर पर अस्पतालों की सर्जिकल सेवाएं अब अधिक सक्रियता के साथ संचालित हो रही हैं। अलग-अलग जिलों में सर्जरी की बढ़ती संख्या से स्थानीय स्तर पर मरीजों को उपचार की सुविधा मिलने का लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलों में उपलब्ध सेवाओं की नियमित समीक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि सर्जिकल सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक मरीजों तक पहुंच सके।
तीन महीने में बदली तस्वीर
जून से अगस्त तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिला अस्पतालों में सर्जरी की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। जून में जहां 2,428 सर्जरी हुईं, वहीं दो महीने बाद अगस्त में यह संख्या 8,209 तक पहुंच गई। यह बढ़ोतरी जिला अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं के विस्तार और उनके अधिक प्रभावी संचालन की दिशा में हो रहे प्रयासों को दर्शाती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पतालों की नियमित समीक्षा और वहां उपलब्ध सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से सर्जिकल सेवाओं को गति मिली है। विभाग का जोर इस बात पर है कि जिला अस्पतालों में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं का अधिकतम उपयोग हो और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उनके घर नजदीक ही मिल सके। इसके साथ ही अस्पतालों में उपलब्ध मानव संसाधन और आधारभूत सुविधाओं का बेहतर समन्वय करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
अनावश्यक रेफरल कम करने सहित जिला अस्पतालों को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता : स्वास्थ्य मंत्री
इस बाबत स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि जिला अस्पतालों में सर्जरी की बढ़ती संख्या हमारे लिए उत्साहजनक है। यह उपलब्धि रेफरल कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, इसका सीधा लाभ राज्य आम मरीजों को मिल रहा है। सरकार का प्रयास है कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़े और उनके अपने जिले में ही आवश्यक उपचार उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि जिला अस्पतालों में सामान्य उपचार के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सा और सर्जिकल सुविधाएं भी मजबूत हों। इसके लिए अस्पतालों की क्षमता, सेवाओं और मानव संसाधन को लगातार बेहतर किया जा रहा है। जिला अस्पतालों में सर्जरी सेवाओं का विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीकी सरकारी अस्पताल में ही उपलब्ध हों।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

