काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर से कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार, वन्यजीवों की सुरक्षा होगी सुनिश्चित
गुवाहाटी, 13 सितंबर (हि.स.)। असम में 6,950 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है। कालियाबोर-नुमलीगढ़ के बीच एनएच-715 के करीब 86 किलोमीटर हिस्से में प्रस्तावित यह परियोजना सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के साथ पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने की उम्मीद है।
परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा करीब 35 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर होगा। इसके जरिए गैंडे, हाथी, बाघ और हिरण जैसे वन्यजीव सड़क यातायात से सुरक्षित रहते हुए आवागमन कर सकेंगे। विशेष रूप से मानसून के दौरान जब बाढ़ के कारण वन्यजीव काजीरंगा से कार्बी आंगलोंग की पहाड़ियों की ओर जाते हैं, तब यह कॉरिडोर उनके पारंपरिक मार्गों को सुरक्षित रखने में मदद करेगा। इससे वाहनों की चपेट में आने से वन्यजीवों की मौत की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
परियोजना पूरी होने के बाद नगांव, काजीरंगा और गोलाघाट के बीच यात्रा समय घटने तथा ऊपरी असम के साथ संपर्क मजबूत होने की संभावना है। इसमें 21 किलोमीटर के ग्रीनफील्ड बाईपास के अलावा मौजूदा राजमार्ग के 30 किलोमीटर हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदलने का प्रावधान है। इससे यातायात दबाव कम करने और माल परिवहन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
बेहतर सड़क संपर्क का सीधा लाभ काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों के लिए आवागमन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होने के साथ स्थानीय व्यापार, होटल एवं आतिथ्य, कृषि और परिवहन क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। नगांव, कार्बी आंगलोंग और गोलाघाट जिलों की आर्थिक गतिविधियों को भी इससे बढ़ावा मिलने की संभावना है।
परियोजना की योजना भारतीय वन्यजीव संस्थान के परामर्श से तैयार की गई है, ताकि इसके पारिस्थितिक प्रभाव को न्यूनतम रखा जा सके। हालांकि, पर्यावरणविदों ने निर्माण के दौरान वन्यजीवों के आवास पर संभावित प्रभाव और शोर को लेकर चिंता जताई है। अधिकारियों का कहना है कि एलिवेटेड डिजाइन आधुनिक बुनियादी ढांचे और वन्यजीव संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाने का देश के सबसे महत्वाकांक्षी प्रयासों में से एक है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी वर्ष जनवरी में परियोजना की आधारशिला रखी थी। निर्माण पूरा होने के बाद काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर बुनियादी ढांचे का एक उदाहरण बन सकता है, जहां विकास, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को समानांतर रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

