पीएम मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री तमांग ने अपने वाहनों की संख्या कम करने का निर्णय लिया
गंगटोक, 14 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मितव्ययिता के आह्वान को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सेवा और जिम्मेदार शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने के लिए अपने आधिकारिक वाहन लश्कर में उपयोग किए जाने वाले वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी करने का फैसला किया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से अंतर-जिला यात्राओं के दौरान प्रोटोकॉल कर्तव्यों का पालन नहीं करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री तमांग ने गुरुवार काे साेशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर यह जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज राजधानी के सम्मान भवन में कैबिनेट सदस्यों, विधायकों, मुख्य सचिव, डीजीपी, विभागीय प्रमुखों की एक आपात बैठक हुई, जिसमें अन्य जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों ने वर्चुअल रूप से भाग लिया। बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद ईंधन संरक्षण, प्रशासनिक दक्षता और राष्ट्रीय जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए कुछ अस्थायी उपायों को अपनाने का निर्णय लिया गया है।
इस क्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर अपने आधिकारिक वाहन लश्कर में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी करने का फैसला किया है। इसी तरह, उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से अंतर-जिला यात्राओं के दौरान प्रोटोकॉल कर्तव्यों का पालन नहीं करने का अनुरोध किया है।
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को प्रदान किए गए पायलट वाहनों को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, मितव्ययिता उपायों के तहत अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें सभी मंत्रियों और विधायकों को प्रदान किए जाने वाले वाहनों की ईंधन खपत में 20 प्रतिशत की कमी करना, सरकारी विभागों में पूल राइड सेवाओं को लागू करना तथा करीबी बैठकों और कार्यक्रमों में पैदल चलने को प्रोत्साहित करना शामिल है।
इसी तरह सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग और आभासी बैठकों और डिजिटल समन्वय पर अधिक निर्भरता को बढ़ावा दिया जाएगा। सभी ओएसडी और अध्यक्ष अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रहेंगे और उन्हें अनावश्यक रूप से यात्रा नहीं करेंगे। इसी तरह, सरकारी, अधिकारियों को आवश्यक उद्देश्यों को छोड़कर सरकारी वाहनों का उपयोग करके अंतर-जिला और राज्य से बाहर यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
जहां तक संभव हो 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' लागू किया जाएगा। विदेश यात्राओं को एक साल के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। शनिवार और रविवार को गैर-कार्य दिवसों के रूप में रखा जाएगा, जिसके दौरान सरकारी वाहन संचालित नहीं होंगे। इसके अलावा, सभी जिलों में सम-विषम वाहन नियम लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उपाय अस्थायी हैं, लेकिन ये संसाधनों के संरक्षण, जिम्मेदार शासन को बढ़ावा देने और चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्र के लिए सामूहिक योगदान के लिए विवेकपूर्ण कदम हैं। आपातकालीन सेवाओं को इन प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी।
मुख्यमंत्री तमांग ने सिक्किम के सभी लोगों से राज्य और राष्ट्र के व्यापक हित में लिए गए इन फैसलों का पूरा समर्थन करने और उनका पालन करने की विनम्र अपील की है। उन्होंने कहा कि ये चुनौतीपूर्ण समय है और प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी, अनुशासन और सहयोग सार्थक बदलाव ला सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Bishal Gurung

