'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में गंगटोक में रैली निकाली गई
गंगटोक, 17 अप्रैल (हि.स)। सिक्किम की राजधानी गंगटोक में 'नारी शक्ति वंदना अधिनियम' के समर्थन और स्वागत में एक विशाल रैली निकाली गई है। शुक्रवार काे निकाली गई रैली यहां के देवराली के टाटा स्टैंड से शुरू हुई और पाल्जोर स्टेडियम पहुंच कर समाप्त हुई।
'नारी शक्ति वंदना अधिनियम' देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करेगा। इसका उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर नीति-निर्माण को अधिक संतुलित और समावेशी बनाना है। यह अधिनियम 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू होने की उम्मीद है।
नारी शक्ति वंदना अधिनियम रैली का आयोजन नारी शक्ति के बैनर तले किया गया था। गैर-राजनीतिक तरीके से आयोजित इस रैली में सिक्किम के प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। रैली का नेतृत्व मुख्यमंत्री की पत्नी कृष्णा कुमारी राई ने विधानसभा की उपसभापति राजकुमारी थापा, विधायक कला राई और विधायक पामिन लेपचा के साथ किया।
जैसे ही देवराली से रैली शुरू हुई महिला प्रतिभागियों ने 'नारी शक्ति वंदना अधिनियम' के समर्थन में आसमान छूते नारे लगाए। महिलाओं ने इस ऐतिहासिक कार्य के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी धन्यवाद दिया। सिक्किम सरकार की वरिष्ठ महिला अधिकारियों के साथ-साथ समाज के हर क्षेत्र की महिला प्रतिनिधियों ने रैली में सक्रिय रूप से भाग लिया।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने आज सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म फेसबुक पर कहा कि सिक्किम की महिलाओं ने 'नारी शक्ति वंदना अधिनियम' के समर्थन में एक रैली निकालकर मजबूत एकजुटता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि इस रैली में महिलाओं की भारी भागीदारी राज्य में नारी शक्ति की ताकत, चेतना और सामूहिक संकल्प को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में परिकल्पित यह ऐतिहासिक पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Bishal Gurung

